कृषि महाविद्यालय रायपुर का 66वां स्थापना दिवस:फर्स्ट बैच के स्टूडेंट्स समेत पूर्व छात्रों का सम्मान, छात्र संघ पदाधिकारियों को शपथ भी दिलाई गई




कृषि महाविद्यालय रायपुर का 66वां स्थापना दिवस शुक्रवार को उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस मौके पर कॉलेज का वार्षिकोत्सव, छात्र संघ शपथ ग्रहण, पूर्व डीन सम्मान और एलुमनाई सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के फर्स्ट बैच के स्टूडेंट्स, पूर्व डीन, मौजूदा प्रोफेसर्स और विद्यार्थियों की तीन पीढ़ियां एक साथ नजर आईं। कुलपति ने दिलाई छात्र संघ पदाधिकारियों को शपथ कृषक सभागार में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति थे। उन्होंने नवगठित छात्र संघ के पदाधिकारियों को पद और अनुशासन की शपथ दिलाई। एमएससी कृषि सांख्यिकी विभाग की छात्रा पुण्य श्री ने अध्यक्ष और बीएससी फोर्थ ईयर की छात्रा अनुष्का चौरसिया ने उपाध्यक्ष पद की शपथ ली। कृषि शिक्षा और रिसर्च में बेहतर काम: डॉ. गिरीश चंदेल कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि राज्य गठन के बाद विश्वविद्यालय ने कृषि शिक्षा, रिसर्च और एक्सटेंशन सेवाओं के क्षेत्र में लगातार बेहतर काम किया है। उन्होंने कहा कि कृषि महाविद्यालय रायपुर एक ऐतिहासिक संस्थान है, जहां से निकले छात्रों ने देशभर में कृषि और प्रशासनिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। डॉ. आरती गुहे ने बताया 66 साल का सफर कॉलेज की डीन ने स्वागत भाषण में कॉलेज के 66 साल के सफर और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह संस्थान सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि कृषि नेतृत्व तैयार करने वाली मजबूत परंपरा का हिस्सा है। फर्स्ट बैच के छात्रों और पूर्व डीन का हुआ सम्मान समारोह में कॉलेज के फर्स्ट बैच के पूर्व छात्रों और रिटायर्ड प्रोफेसर्स डॉ. एम.आर.एच. सिद्धीकी, डॉ. आर.के. साहू और डॉ. वी.एन. साहू का सम्मान किया गया। वहीं पूर्व डीन डॉ. S.S. बघेल, डॉ. एम.एन. श्रीवास्तव, डॉ. ओ.पी. कश्यप, डॉ. एस.आर. पटेल, डॉ. एम.पी. ठाकुर, डॉ. के.एल. नंदेहा और डॉ. जी.के. दास को उनके शैक्षणिक और रिसर्च योगदान के लिए सम्मानित किया गया। अलग-अलग क्षेत्रों में सफल एलुमनाई हुए सम्मानित अलग-अलग क्षेत्रों में शानदार उपलब्धियां हासिल करने वाले एलुमनाई का भी सम्मान किया गया। इनमें रिटायर्ड आईजी अनिल कुशवाहा, संयुक्त संचालक कृषि और कॉलेज की फर्स्ट महिला स्टूडेंट गोपिका गबेल, मुख्य वन संरक्षक के.आर. बढ़ई, उद्यमी मनमोहन सिंह, प्रगतिशील किसान हर्ष चंद्राकर, संयुक्त संचालक कृषि आर.के. कश्यप और महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलसचिव यशवंत केराम शामिल रहे। पूर्व छात्रों ने शेयर किए अनुभव इस दौरान पूर्व छात्र अनिल कुशवाहा और के.आर. बढ़ई ने विद्यार्थियों से अपने अनुभव साझा करते हुए अनुशासन, समर्पण और लगातार मेहनत को सफलता की कुंजी बताया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता दर्शकों का दिल कार्यक्रम के बाद आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। विद्यार्थियों की रंगारंग प्रस्तुतियों पर सभागार तालियों से गूंज उठा। 1961 में हुई थी कॉलेज की स्थापना गौरतलब है कि कृषि महाविद्यालय रायपुर की स्थापना 22 मई 1961 को हुई थी। शुरुआती दौर में कॉलेज बैरन बाजार स्थित कवर्धा बाड़ा में संचालित होता था। वर्ष 1964 से इसका संचालन वर्तमान भवन में शुरू हुआ। फिलहाल यह कॉलेज के अंतर्गत संचालित हो रहा है।



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