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लिव इन रिलेशन, तलाक जैसे मामलों में एक्शन को लेकर राज्य सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारी के बीच राज्य सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी ने प्रदेश के नागरिकों से इसको लेकर सुझाव मांगे हैं। इस बीच यह साफ किया गया है कि मध्यप्रदेश के आदिवासियों के जनजीवन पर समान नागरिक संहिता लागू नहीं की जाएगी। सरकार अभी इस पर बिल्कुल भी फोकस नहीं करेगी। यहां बता दें कि यूसीसी लागू करने की सीएम डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार इसका विरोध कर चुके हैं। सिंघार ने कहा है कि सरकार इसके जरिये आदिवासियों की परम्परा और संस्कृति पर हमला करना चाहती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में शुक्रवार को नागरिकों के सुझाव लेने के लिए एक वेबसाइट लांच कर दी है। इस दौरान सीएम यादव ने कहा कि हम सभी नागरिकों के हितों की सुरक्षा करते हुए UCC लागू करेंगे। आज ‘समान नागरिक संहिता, मध्यप्रदेश’ की वेबसाइट http://ucc.mp.gov.in लॉन्च की। इस पोर्टल पर आमजन 15 जून 2026 तक UCC को लेकर अपने सुझाव और मत दर्ज करा सकते हैं। राज्य सरकार ने कहा है कि जनता का सुझाव मप्र के हर नागरिक को समानता, न्याय और सामाजिक सुरक्षा दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा। वेबसाइट लांच करने के दौरान UCC की उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्ष एवं सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई सहित समिति के अन्य सदस्य भी वर्चुअली जुड़े। यह काम करेगी समिति, 60 दिन में देगी रिपोर्ट
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यूसीसी से नहीं होगा एमपी के आदिवासियों पर असर:सरकार ने वेबसाइट लांच कर प्रदेश के लोगों से 15 जून तक मांगे सुझाव














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