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भास्कर न्यूज | गढ़वा गढ़वा में अवैध बालू कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सबसे आक्रामक कार्रवाई शुरू कर दी है। पहली बार झारखंड में किसी जिले में नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की 12 घंटे की फुटेज खंगालकर अवैध बालू कारोबारियों की पहचान की गई है। इस कार्रवाई ने बालू माफियाओं के बीच हड़कंप मचा दिया है। गढ़वा अनुमंडल कार्यालय से लगभग 150 से अधिक लोगों के विरुद्ध वारंट जारी किए जाने की प्रक्रिया के बाद पूरे जिले में अवैध खनन सिंडिकेट में भगदड़ जैसी स्थिति है। जानकारी के अनुसार गढ़वा जिले के 18 बालू घाटों में इस वर्ष केवल एक घाट की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो सकी है, लेकिन वहां भी आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण खनन शुरू नहीं हो पाया है। इसके बावजूद जिले में रात-दिन खुलेआम अवैध बालू उत्खनन और परिवहन जारी है। नदियों का सीना चीरकर ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों से बालू की तस्करी लगातार की जा रही थी, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंच रहा था। ग्रामीणों की शिकायतों और लगातार मिल रही सूचनाओं के बाद प्रशासन ने इस बार सीधी टक्कर लेने का फैसला किया। अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने खुद मोर्चा संभालते हुए कई दिनों से अवैध खनन के खिलाफ अभियान चला रखा है। रविवार को भी अचानक छापेमारी कर उन्होंने कई ट्रैक्टरों को जब्त किया था, लेकिन असली कार्रवाई तब शुरू हुई जब 20 और 21 मई की रात बेलचंपा गांव के पास एनएच-39 बाईपास फोरलेन स्थित टोल नाका के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया। फुटेज देखकर प्रशासन भी चौंक गया। केवल 12 घंटे के भीतर 200 से अधिक ट्रैक्टर अवैध बालू ढोते हुए कैमरे में कैद मिले। इसके बाद प्रशासन ने हर ट्रैक्टर का नंबर नोट किया और वाहन मालिकों की पहचान शुरू की। ट्रैक्टर मालिकों का पूरा रिकॉर्ड निकालने के लिए परिवहन विभाग की भी मदद ली गई। जांच में कई ऐसे नाम सामने आए जो पहले भी अवैध बालू कारोबार में पकड़े जा चुके हैं। ऐसे सभी लोगों के खिलाफ अनुमंडल कार्यालय से वारंट जारी कर दिया गया है। आने वाले दिनों में हो सकते हैं कई बड़े खुलासे प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। टोल प्लाजा, हाईवे और प्रमुख सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी लगातार की जाएगी। प्रशासन ने साफ संकेत दे दिया है कि अब बालू माफियाओं के लिए गढ़वा में अवैध कारोबार चलाना आसान नहीं होगा। लगातार हो रही कार्रवाई से बालू तस्करों में डर का माहौल है, जबकि आम लोगों में प्रशासनिक सख्ती की चर्चा तेज हो गई है।
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टोल प्लाजा से 12 घंटे का सीसीटीवी फुटेज देखा, 150 ट्रैक्टर मालिकों पर वारंट जारी













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