डंडई में करोड़ों रुपए का कोल्ड स्टोरेज बना शोपीस तीन साल बाद भी किसान नहीं रख पा रहे हैं अनाज




भास्कर न्यूज | डंडई किसानों की उपज को सुरक्षित रखने और उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाने के उद्देश्य से डंडई प्रखंड कार्यालय परिसर में करीब तीन वर्ष पूर्व बनाए गए 30 एमटी क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज का लाभ आज तक किसानों को नहीं मिल सका है। वर्ष 2025 में हैंडओवर होने के बावजूद कोल्ड स्टोरेज अब तक चालू नहीं हो पाया है। ऐसे में करोड़ों की लागत से बना यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट किसानों के लिए “हाथी का दांत” साबित हो रहा है ।ग्रामीणों और किसानों ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द कोल्ड स्टोरेज चालू कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि जिस उद्देश्य से इसका निर्माण कराया गया था, वह आज तक पूरा नहीं हो सका। क्षेत्र के किसान आज भी अपनी उपज को सुरक्षित रखने की सुविधा से वंचित हैं।बताया जाता है कि तत्कालीन विधायक भानु प्रताप शाही ने वर्ष 2023 में कोल्ड स्टोरेज भवन का शिलान्यास किया था। उस समय किसानों में काफी खुशी थी कि अब डंडई क्षेत्र में उत्पादित आलू, प्याज, टमाटर सहित विभिन्न सब्जियों एवं अनाज को सुरक्षित रखा जा सकेगा। लेकिन तीन साल बाद भी सुविधा शुरू नहीं होने से किसानों का सपना अधूरा रह गया है। सहकारिता विभाग गढ़वा की एफपीओ पदाधिकारी नीलम कुमारी ने बताया कि बिजली कनेक्शन की समस्या के कारण कोल्ड स्टोरेज चालू नहीं हो सका है। वर्ष 2025 में ही इसे डंडई पैक्स अध्यक्ष अरविंद कुमार को हैंडओवर कर दिया गया है और उनके संरक्षण में इसका संचालन किया जाना है। हालांकि किसानों ने विभागीय दलील पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि बिजली कनेक्शन नहीं था तो हैंडओवर क्यों किया गया? किसानों ने पूछा कि आखिर एक वर्ष बीत जाने के बाद भी बिजली कनेक्शन क्यों नहीं लिया जा सका। किसानों का कहना है कि यदि विभाग गंभीर होता तो सोलर सिस्टम या वैकल्पिक ऊर्जा व्यवस्था के जरिए इसे शुरू कराया जा सकता था। किसानों ने कहा कि कोल्ड स्टोरेज चालू नहीं होने से उन्हें अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचनी पड़ती है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों और किसानों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से अविलंब पहल करते हुए बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने अथवा सोलर सिस्टम से जोड़कर कोल्ड स्टोरेज को जल्द शुरू कराने की मांग की है, ताकि किसानों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *