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यूपी में पेट्रोल-डीजल को लेकर एक बार फिर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। शनिवार को लगातार पांचवे दिन कुशीनगर, सोनभद्र, महराजगंज, गोरखपुर, देवरिया और बस्ती के कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी रहीं। कई जगहों पर पेट्रोल और डीजल खत्म होने की भी खबरें सामने आईं। महराजगंज में पेट्रोल और डीजल की किल्लत को देखते ही पेट्रोल पंपों से भीड़ छंटने का नाम नहीं ले रही है। पनियरा स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर डीजल की मारा–मारी को लेकर किसान पेट्रोल पंप कर्मियों से भिड़ गए। जमकर लात–घूंसे चले। अब तो पेट्रोल पंप पर लोगों की दिनचर्या गुजर रही है। शुक्रवार रात धनेवा धनई स्थित पेट्रोल पंप पर लोगों को टेंट वाली मच्छरदानी लगाकर सोते देखा गया। बृजमनगंज, सदर, फरेंदा, निचलौल, पनियरा, नौतनवा और ठूठीबारी समेत कई इलाकों में ट्रैक्टर, बाइक और गैलन लेकर पहुंचे किसानों की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह भोर से ही लोग घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन कई किसानों को बिना डीजल लिए लौटना पड़ा। कई स्थानों पर डीजल खत्म होने के बाद वितरण बंद करना पड़ा, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई। हालांकि इंडियन मिल पेट्रोल पंप के कर्मचारी जितेंद्र ने बताया कि डीजल और पेट्रोल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन भारी भीड़ और अव्यवस्था के कारण वितरण में दिक्कत हो रही है। उनका कहना है कि लोग नोजल छीनने तक की कोशिश कर रहे हैं और पुलिसकर्मियों की बात भी नहीं मान रहे। वहीं प्रतापगढ़ में ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला जज राजीव कमल पांडे सहित सभी न्यायिक अधिकारी अपने आवास से लगभग एक किलोमीटर पैदल चलकर न्यायालय पहुंचे। जिला जज ने कहा– वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए ऊर्जा संसाधनों की बचत करना सभी का दायित्व है। उन्होंने ईंधन की खपत घटाने और वैकल्पिक साधनों को अपनाने पर जोर दिया। खेती-किसानी पर सबसे ज्यादा असर डीजल संकट का सबसे अधिक असर खरीफ सीजन की तैयारियों पर पड़ रहा है। खेतों की जुताई, धान की बेहन गिराने और सिंचाई के लिए किसानों को डीजल की जरूरत है, लेकिन पर्याप्त ईंधन नहीं मिलने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई किसानों ने बताया कि डीजल न मिलने के कारण उनके सिंचाई उपकरण बंद पड़े हैं और खेत सूखने लगे हैं। महराजगंज में लोग बोले- 24 घंटे लाइन में खड़े रहे, नहीं मिल रहा तेल पनियरा कस्बा निवासी नईम अहमद ने बताया कि वह गुरुवार सुबह से ही पेट्रोल पंप पर लाइन में लगे हैं, लेकिन अब तक डीजल नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि लाइन व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है और कुछ लोग जबरदस्ती डिब्बे आगे लगाकर तेल ले जा रहे हैं। अंगद कुमार ने बताया कि वह बुधवार भोर 4 बजे से लाइन में लगे हुए हैं, लेकिन शुक्रवार तक भी उन्हें डीजल नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि सुबह तेल वितरण शुरू हुआ था, लेकिन विवाद होने के बाद वितरण बंद कर दिया गया। कमासिन खुर्द निवासी मोहम्मद अंसारी ने बताया कि वह पिछले चार दिनों से डीजल के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्ची कटने के बावजूद उन्हें तेल नहीं मिला। 70 वर्षीय मोतीलाल ने बताया कि वह 24 घंटे से लाइन में लगे हैं, लेकिन अब तक डीजल नहीं मिला। वहीं, नगर पंचायत पनियरा के लोनिया टोला निवासी शारदा देवी ने कहा कि धान का रोपा सूख रहा है। वह गुरुवार सुबह 8 बजे से लाइन में लगी हैं, लेकिन अभी तक उन्हें डीजल नहीं मिल पाया। आम जनजीवन भी प्रभावित ईंधन संकट का असर सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है। रोजमर्रा के आवागमन, व्यापारिक गतिविधियों और आपातकालीन सेवाओं पर भी इसका असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि हालात सामान्य हो सकें। ——————————– प्रतापगढ़– जिला जज ने की कार पूलिंग की अपील जिला जज राजीव कमल पांडे ने सभी कोर्ट कर्मचारियों और वकीलों को सार्वजनिक परिवहन, ई-रिक्शा और साइकिल के अधिक उपयोग का सुझाव दिया। इसके अतिरिक्त, आपसी सहयोग से कार पूलिंग (एक ही वाहन का उपयोग) करने की भी अपील की। जिला जज ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति थोड़ी-थोड़ी पहल करे, तो ऊर्जा संकट से निपटने में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि न्यायिक अधिकारी भी भविष्य में पैदल या साइकिल से न्यायालय आने का प्रयास करेंगे। बता दें कि शुक्रवार को हाईकोर्ट (लखनऊ खंडपीठ) में भी जजों ने साइकिल और ई-रिक्शा से कोर्ट पहुंचकर ऊर्जा बचत का संदेश दिया था। तस्वीरें देखिए…
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यूपी में पेट्रोल-डीजल किल्लत पांचवे दिन बरकरार:प्रयागराज में जिला जज पैदल कोर्ट पहुंचे, महराजगंज में टेंट मच्छरदानी लगाकर पंप बने रैन बसेरा















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