बीएसए विभाग के बाहर खड़े कर्मचारी
18 लाख की वसूली करने के मामले में बीएसए ऑफिस की कुर्की करने पहुंची पुलिस बुधवार को बैरंग लौट गई। बीएसए की विशेष अनुमति के बाद बीएसए को 3 दिन की अनुमति मिली। जिसके बाद कार्रवाई रोक दी गई। अब बीएसए विभाग मामले में हाईकोर्ट में अपील दाखिल करेगा।
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बीएसए विभाग के बाहर रखी कुर्सियां व खड़े कर्मचारी
यह था पूरा प्रकरण…
बीएसए सुरजीत कुमार ने बताया कि किराए के भवन में कोपरगंज में प्राइमरी स्कूल संचालित होता था, जो कलक्टरगंज में स्थानांतरित हो गया था। किराए के भवन को लेकर विवाद 1987 से कोर्ट में चल रहा था। भवन स्वामी की ओर से एक इजरावाद दायर किया गया था, जिसमें बताया गया था कि 18 लाख का किराया न देने की बात कही गई थी।
बीएसए के मुताबिक भवन स्वामी को 12 लाख रुपए बतौर किराया दिया गया था। जिसके बाद भवन स्वामी की ओर से 18 लाख किराए का आगणन बनावाया गया और एडीजे–8 की कोर्ट में वाद दाखिल किया गया था। जिसमें कहा गया था कि विद्यालय या बीएसए की संपत्ति से अर्जित कर उनका किराया दिलाया जाए, जिस पर कोर्ट ने आदेश जारी कर दिया था।
जिसके बाद बुधवार को कोर्ट के आदेश पर प्रशासनिक अधिकारी बीएसए विभाग की संपत्ति कुर्क करने के लिए आए। प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी में बीएसए विभाग की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की। मामले की जानकारी पर आनन–फानन में कोर्ट पहुंचे और कोर्ट से कुछ समय की मोहलत मांगी, जिस पर कोर्ट ने 16 मई की तिथि निर्धारित कर दी।















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