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रूक्का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और बूटी पानी टंकी में आए दिन लो वोल्टेज की समस्या रहती है। इसका सीधा असर वाटर सप्लाई पर पड़ता है। अब इस समस्या से रुक्का डब्ल्यूटीपी और बूटी पानी टंकी मुक्त हो गया। जेबीवीएनएल ने इसका स्थायी हल खोज निकाला है। जेबीवीएनएल रांची जीएम मनमोहन कुमार की पहल पर 33 केवी विकास फीडर से बूटी पानी टंकी सबस्टेशन को अलग कर दिया गया है। इसे नामकुम ग्रिड 33 केवी ग्राउंड केबल लाइन से जोड़ दिया गया है। विकास फीडर का लोड सीधे दस एमवीए कम हो गया है। अब 33/11 केवी पानी टंकी विद्युत सबस्टेशन को 33 केवी के दो सर्किट से बिजली उपलब्ध हो गई है। अब किसी एक सर्किट में खराबी होने पर तुंरत दूसरे सर्किट से बिजली बहाल कर दी जाएगी। यानी आंधी-पानी एवं विपरीत मौसम में भी बूटी पानी टंकी को दो सर्किट से बिजली मिलेगी। ओवरलोड होने के कारण बार-बार ब्रेक डाउन होने की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी। इससे बूटी पानी टंकी को पूरे वोल्टेज के साथ गुणवत्तापूर्ण बिजली दी जाएगी। रूक्का डब्ल्यूटीपी का बिजली संकट भी हुआ दूर बूटी पानी टंकी सबस्टेशन को विकास फीडर से अलग करने से करीब 10 एमवीए का लोड घट गया। इसका फायदा सीधे रूक्का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को होगा। यानी अब रूक्का को विकास फीडर से फुल वोल्टेज बिजली मिलेगी। रूक्का डब्ल्यूटीपी को करीब साढ़े पांच एमवीए बिजली चाहिए। रूक्का को कांके के सिरदो फीडर से भी बिजली दी जाती है। यानि अब रूक्का प्लांट को दो स्रोत से बिजली मिलेगी, जिससे समस्या नहीं होगी। बूटी मोड़ के एक लाख उपभोक्ता को भी फायदा न केवल बूटी पानी टंकी, बल्कि बूटी पानी टंकी सबस्टेशन को अब 33 केवी के दो सर्किट लाइन से जोड़े जाने का फायदा आम जनता को भी होगा। बूटी पानी टंकी सबस्टेशन से बूटी मोड़ व आसपास के करीब एक लाख लोगों तक बिजली पहुंचती है। अब इन लोगों की भी लो वोल्टेज की समस्या दूर होगी। पूरे वोल्टेज के साथ बिजली मिलेगी। – मनमोहन कुमार, जीएम, रांची
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अब बूटी जलागार से ठप नहीं होगी वाटर सप्लाई












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