उन्नाव में सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर:20 करोड़ की ग्राम सभा भूमि कब्जामुक्त कराई, DM बोले- और जमीनें चिन्हित होंगी




उन्नाव में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में उन्नाव तहसील के पीपरखेड़ा गांव में ग्राम सभा की लगभग 26 बीघा भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। इस भूमि की अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में चलाया जा रहा अभियान
जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राम सभा और अन्य सरकारी जमीनों को चिन्हित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में तेजी लाएं। शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में यह अभियान चलाया जा रहा है। पीपरखेड़ा गांव में कब्जामुक्त कराई गई जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से निर्माण का प्रयास किया जा रहा था। कब्जाधारियों ने नींव भरकर दीवारें खड़ी कर ली थीं। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर इन अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया और भूमि पर किए गए अन्य अतिक्रमण को भी हटाया। इस कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग, तहसील प्रशासन और पुलिस बल की संयुक्त टीम मौजूद रही।
डीएम बोले- अवैध कब्जे पर होगी सख्त कार्रवाई
डीएम घनश्याम मीणा ने बताया कि इस अभियान के लिए सर्वे टीम और तहसील प्रशासन को विशेष रूप से लगाया गया था। जांच के बाद ग्राम सभा की यह जमीन पूरी तरह कब्जामुक्त कराकर जिला प्रशासन के नियंत्रण में ले ली गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिले में जहां कहीं भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिलेंगी, वहां इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से ग्राम सभा की जमीन पर धीरे-धीरे अतिक्रमण बढ़ता जा रहा था, लेकिन अब प्रशासन की सख्ती से सरकारी जमीनों को बचाने में मदद मिलेगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम सभा, तालाब, चारागाह और अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नियमित अभियान चलाए जाएं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।



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