ऐसा जश्न मनाया जा रहा है, मानो कोई क्रांतिकारी आजादी की लड़ाई से लौटा हो




झारखंड की राजनीति में ‘टेंडर कमीशन’ के बड़े सिंडिकेट का खुलासा करने वाले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राज्य के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता आलमगीर आलम, को 15 मई 2024 को शाम 6:15 बजे गिरफ्तार किया था, ठीक दो साल बाद 14 मई 2026 को जेल की सलाखों से वे बाहर आ गए हैं। जेल बाहर आने के बाद कांग्रेसियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। जेल गेट पर भी उनके स्वागत के लिए लोग पहुंचे थे। बाद में सभी लोग उनके आवास पर पहुंचे। प्रदेश कांग्रेस के महासचिव आलोक कुमार दुबे अपने समर्थकों के साथ 501 किलो की माला से उनका अभिनंदन किया। इसके साथ ही ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी आैर कार्यकर्ता पूर्व मंत्री आलमगीर आलम से मिलने और उनका अभिनंदन करने उनके आवास पर गए।
ऐसे स्वागत पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गुरुवार को कहा कि जमानत मिल जाना निर्दोष होने का प्रमाण नहीं है। यह केवल उम्र और बीमारी के आधार पर कड़ी शर्तों के साथ मिली अंतरिम राहत है, अंतिम फैसला नहीं। आलमगीर आलम के जेल से बाहर आने पर ऐसा जश्न मनाया जा रहा है, मानो कोई क्रांतिकारी आज़ादी की लड़ाई लड़कर लौटा हो। भ्रष्टाचार के मामलों का दाग आसानी से नहीं मिटता। इस मामले में लालू यादव के राजनीतिक और कानूनी सफर का उदाहरण हमलोगों के सामने है। उन्होंने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग और टेंडर कमीशन घोटाले मामले में जेल में बंद झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद आज बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार से जमानत पर बाहर आने का मौका मिला। लेकिन इसे ‘बाइज्जत बरी’ होना समझने की भूल कोई न करे। कमीशन का नेक्सस, 1.5% का हिस्सा गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने कोर्ट में सौंपी गई रिमांड पिटीशन और जांच रिपोर्ट में आलमगीर आलम पर बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए थे। ईडी के अनुसार, ग्रामीण विकास विभाग में होने वाले टेंडरों में मंत्री आलमगीर आलम का 1.5% कमीशन फिक्स था। जांच में यह सामने आया था कि सितंबर 2022 में एक सहायक इंजीनियर ने मंत्री के हिस्से के 3 करोड़ रुपए सीधे पहुंचाए थे। ईडी ने मंत्री के निजी सचिव (पीएस) संजीव लाल और उनके घरेलू सहायक जहांगीर आलम के ठिकानों पर छापेमारी की थी। जहांगीर के फ्लैट से करीब 32.50 करोड़ रुपए कैश बरामद हुए थे। जहांगीर ने स्वीकार किया था कि वह संजीव लाल के निर्देश पर यह पैसा और विभागीय दस्तावेज अपने पास रखता था। इस मामले में ईडी अब तक की जांच और अदालती कार्यवाही के आधार पर कुल 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुका है। आलमगीर आलम ने कहा… कार्यकर्ताओं का उमंग ही मेरी पूंजी : पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लंबे समय के बाद बाहर आया हूं। जमानत मिली है। न्यायालय का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं। कहा कि मुझे खुशी इस बात की है कि दो साल पहले जो हम छोड़कर गए थे, आज भी वही उमंग मेरे कार्यकर्ताओं और सहयोगियों में है। यही मेरी पूंजी है।



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