ट्विशा के परिजन का सीएम हाउस पर प्रदर्शन:पिता बोले-आरोपी न्यायिक व्यवस्था का हिस्सा; रिटायर्ड जज की बहू ने 5 दिन पहले किया था सुसाइड




भोपाल में रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा सुसाइड केस अब मुख्यमंत्री निवास तक पहुंच गया है। रविवार को ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा परिवार के साथ सीएम हाउस पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि मामले में आरोपी न्यायिक व्यवस्था से जुड़े हैं, इसलिए मध्यप्रदेश में निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है। करीब ढाई घंटे तक चले प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद ट्विशा के पिता और भाई को मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों ने अंदर बुलाकर चर्चा की। पिता बोले- मामले की जांच बाहरी एजेंसी से कराना जरूरी बाहर आने के बाद नवनिधि शर्मा ने कहा कि अधिकारियों ने माना है कि मामले की जांच किसी बाहरी एजेंसी से कराना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे पोस्टमॉर्टम की जरूरत को भी अधिकारियों ने स्वीकार किया है। हालांकि, यह भी कहा गया कि न्यायपालिका स्वतंत्र है, इसलिए सरकार सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकती। दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम कराने की मांग नवनिधि शर्मा ने कहा, “हमारी लड़ाई रेयरेस्ट ऑफ रेयर स्थिति में है, क्योंकि आरोपी न्यायिक व्यवस्था का हिस्सा हैं। हम बेटी का अंतिम संस्कार तभी करेंगे, जब दिल्ली AIIMS में दूसरा पोस्टमॉर्टम हो जाएगा।” देखें, तस्वीरें… सीएम हाउस के बाहर प्रदर्शन, न्याय की गुहार रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा, मां रेखा शर्मा, भाई मेजर हर्षित शर्मा, भाभी राशि शर्मा समेत रिश्तेदार और दोस्त सीएम हाउस पहुंचे। मुख्य गेट पर खड़े होकर उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने की मांग की और नारेबाजी की। परिजन हाथों में ‘सच चीख रहा है, ट्विशा को इंसाफ चाहिए’ लिखे पोस्टर लिए थे। उनका कहना था कि भोपाल AIIMS में ससुराल पक्ष के लोगों की पहुंच है, इसलिए वहां निष्पक्ष मेडिकल जांच संभव नहीं है। करीब 3 बजे परिवार के दो सदस्यों को मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों से मिलने बुलाया गया। अधिकारियों ने प्रशासनिक मदद का आश्वासन दिया। 11-12 मई की रात फंदे पर मिली थी ट्विशा 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा ने 11 और 12 मई की दरमियानी रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। ट्विशा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थी। उसकी शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से हुई थी। मायके पक्ष ने ट्विशा की सास रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह और पति समर्थ सिंह पर दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। दोनों के खिलाफ 15 मई को एफआईआर दर्ज की गई थी। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हैंगिंग बताई गई है, लेकिन शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। इसी को आधार बनाकर मायके पक्ष लगातार जांच पर सवाल उठा रहा है। बेल्ट नहीं पहुंची, पोस्टमॉर्टम में नहीं हो सका मिलान मामले में अब फॉरेंसिक प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि जिस बेल्ट से फांसी लगाने की बात कही गई, उसे जांच अधिकारी पोस्टमॉर्टम के दौरान AIIMS भोपाल लेकर ही नहीं पहुंचे। इस वजह से डॉक्टर गर्दन पर मिले लिगेचर मार्क्स और कथित बेल्ट का वैज्ञानिक मिलान नहीं कर सके। यह भी जांच नहीं हो पाई कि क्या उसी बेल्ट से फांसी लगाई गई थी। गर्दन के निशान बेल्ट से मेल खाते हैं या नहीं। बेल्ट पर डीएनए या जैविक साक्ष्य मौजूद हैं या नहीं
बेल्ट का वास्तविक इस्तेमाल क्या था। एसीपी बोले- बेल्ट को जांच के लिए भेजा गया एसीपी रजनीश कश्यप कौल ने बताया कि पुलिस ने बेल्ट जब्त कर ली थी, लेकिन पोस्टमॉर्टम के समय उसे AIIMS नहीं भेजा जा सका। अब बेल्ट को जांच के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट सोमवार तक आने की संभावना है। सास को अग्रिम जमानत, पति की अर्जी पर सुनवाई कल
ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह को एफआईआर दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर भोपाल कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। वहीं, पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी। खबर के मिनट टु मिनट अपडेट्स के लिए नीचे दिए लाइव ब्लॉग से जरूर गुजर जाइए…



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