नगर परिषद बोर्ड की दूसरी बैठक : पीएम आवास की मंजूरी के लिए विभाग जाएगी लाभुकों की तैयार सूची




भास्कर न्यूज|गुमला भास्कर न्यूज|गुमला नगर परिषद बोर्ड की दूसरी बैठक आठ घंटे से भी अधिक समय तक चली। इस उच्च स्तरीय बैठक में शहर के विकास और जनता से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर गंभीर मंथन किया गया। लंबी बहस के बाद नगर परिषद ने जनहित से जुड़ी दो सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं को हरी झंडी दे दी है। बैठक का सबसे बड़ा फैसला प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर रहा। शहर में वर्ष 2021-22 के बाद से नए आवासों की स्वीकृति पूरी तरह ठप पड़ी थी। लगभग पांच वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अब शहर के गरीब और बेघर परिवारों के पक्के मकान का सपना सच होने जा रहा है। बोर्ड ने तैयार 1000 से अधिक लाभुकों की सूची और उससे संबंधित डीपीआर में से योग्य लाभुकों के आवेदन को मंजूरी दे दी है। अब इसे विभागीय मंजूरी के लिए जल्द ही राज्य सरकार के पास भेजेगी। स्वीकृति मिलते ही शहर में ठप पड़ी आवास योजना एक बार फिर पूरी रफ्तार से धरातल पर उतरेगी। वहीं कुछ समय से विवादों में रहे टंगरा मार्केट के पीछे निर्मित जीआई शॉप्स के आवंटन का मुद्दा भी जोर-शोर से गूंजा। इस मुद्दे पर फैसला लिया गया कि इन 24 नवनिर्मित दुकानों के लिए नए सिरे से बंदोबस्ती प्रक्रिया अपनाई जाएगी। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष शकुंतला उरांव ने की। मौके पर उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी, ईओ मनीष कुमार, सिटी मैनेजर हेलाल अहमद, मनीषा प्रियंका, पार्षद संगियस तिर्की, केके मिश्रा, प्रवीण टोप्पो, लखन राम, साजिद मंजर, मधु मेरिना लकड़ा, अनिल यादव, जसवंत कौर, जिशान आलम, फैजान असदकी, जयराम इंदवार, दिलीप भगत मौजूद थे। सफाई व्यवस्था को लेकर बैठक के भीतर का माहौल काफी गर्माया रहा। शहर की साफ-सफाई का जिम्मा संभाल रही आउटसोर्सिंग एजेंसी के कामकाज और कार्यशैली से अध्यक्ष-उपाध्यक्ष व पार्षदों ने नाराजगी जताई। इसपर सफाई एजेंसी को कड़ी फटकार लगाई और कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने के लिए निर्देश दिए गए। अमृत मिशन योजना के अंतर्गत शहर में पेयजल व्यवस्था के विस्तार के लिए बाजार टांड़ क्षेत्र में आधुनिक जलमीनार का निर्माण प्रस्तावित है। उस स्थल पर मुर्गा और कबाड़ की अवैध दुकानें होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। इसे लेकर जनप्रतिनिधियों ने निर्णय लिया है कि जनप्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल सीधे उपायुक्त से मुलाकात कर वार्ता करेगा। यह मुलाकात गुरुवार को होना संभावित है। प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मांग करेगा कि वह प्रशासनिक हस्तक्षेप के जरिए अवैध दुकानों को स्थानांतरित कराएं, ताकि आधुनिक जलमीनार का निर्माण अविलंब शुरू कराया जा सके। नगर परिषद बोर्ड की दूसरी बैठकमें मौजूद पार्षद व अन्य।



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