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मंदसौर जिला अस्पताल में वर्ष 2024 में हुई एक सिजेरियन डिलीवरी के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। विभाग ने जिला अस्पताल में पदस्थ चार वरिष्ठ चिकित्सकों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही सभी चिकित्सकों की दो वर्ष की वेतनवृद्धि रोकने के आदेश भी जारी किए गए हैं। कार्रवाई की जद में आने वाले चिकित्सकों में डॉ. संगीता पाटीदार, डॉ. रजत पाटीदार, डॉ. मीना वर्मा और डॉ. सिद्धार्थ शिंदे शामिल हैं। यह कार्रवाई राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के संज्ञान लेने के बाद की गई है। प्राइवेट पार्ट पर कट लग गया था
जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 में महिला सीमा की जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी करवाई गई थी। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान नवजात शिशु के प्राइवेट पार्ट पर कट लग गया था, जिससे शिशु गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि उस समय मौजूद चिकित्सकों ने परिजनों को सही जानकारी दिए बिना इसे गठान बताते हुए नवजात के टांके लगा दिए थे। बाद में शिशु की हालत बिगड़ने पर उसे रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां करीब डेढ़ माह तक उसका उपचार चला। पीएम-सीएम कार्यालय सहित कई जगह की गई थी शिकायत
मामले को लेकर प्रसूता महिला के पति दशरथ पुरोहित ने पीएम कार्यालय, सीएम कार्यालय, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग सहित विभिन्न विभागों में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई और संबंधित चिकित्सकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। जवाब से असंतुष्ट आयोग ने दिए कार्रवाई के निर्देश
जांच के दौरान डॉ. संगीता पाटीदार, डॉ. रजत पाटीदार, डॉ. मीना वर्मा और डॉ. सिद्धार्थ शिंदे से स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग चिकित्सकों के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद आयोग ने चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए वसूली के आदेश
आयोग के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने चारों चिकित्सकों पर 50-50 हजार रुपए की वसूली करने के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा सभी चिकित्सकों की दो वर्ष की वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई भी की गई है।
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मंदसौर के चार डॉक्टरों पर 50-50 हजार जुर्माना:वेतनवृद्धि भी रोकी; डिलीवरी के दौरान नवजात के प्राइवेट पार्ट पर कट लगने पर कार्रवाई















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