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उत्तर प्रदेश की राजस्व अदालतों में सालों से तारीख-पे-तारीख भुगत रहे आम नागरिकों और किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दो टूक लहजे में कहा है कि जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों में अधिकारियों की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम ने निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के बाद भी यदि कोई मामला पेंडिंग रहता है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर सीधे गाज गिरेगी। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा, “राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली केवल कागजों और आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जमीन पर आम जनता को इसका वास्तविक लाभ मिलना चाहिए।” पेंडिंग केसों की स्थिति और जिलों का रिपोर्ट कार्ड
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में विभिन्न धाराओं के तहत पेंडिंग केसों और जिलों के प्रदर्शन का जो लेखा-जोखा सामने आया, वह इस प्रकार है- धारा-34 (दाखिल-खारिज/म्यूटेशन): 22 लाख से घटकर 10 लाख हुए केस पेंडिंग केसों की स्थिति: 1 जनवरी 2026 को यूपी में कुल 22,44,466 वाद लंबित थे, जो 22 मई 2026 तक घटकर 10,59,139 रह गए हैं। बेस्ट परफॉर्मर जिले: बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़ और बदायूं। कमजोर परफॉर्मर जिले: गोरखपुर, संतकबीरनगर, प्रतापगढ़, बलिया और देवरिया। (सीएम ने यहां विशेष अभियान चलाने को कहा है)। धारा-80 (कृषि भूमि का गैर-कृषि में परिवर्तन): 85 हजार से घटकर 38 हजार पर आए मामले पेंडिंग केसों की स्थिति: इस साल की शुरुआत में 85,158 केस लंबित थे, जिनमें से ताबड़तोड़ कार्रवाई कर 77,578 का निपटारा किया गया। अब सिर्फ 38,166 मामले बचे हैं। बेस्ट परफॉर्मर जिले: बस्ती, चित्रकूट, अयोध्या, बागपत और कन्नौज। कमजोर परफॉर्मर जिले: मेरठ, वाराणसी, अमेठी, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) और हापुड़। धारा-24 (पैमाइश/जमीन की नापजोख): आधे रह गए पेंडिंग केस पेंडिंग केसों की स्थिति: 1 जनवरी को 1,82,710 केस पेंडिंग थे, जो अब घटकर 92,915 रह गए हैं। बेस्ट परफॉर्मर जिले: वाराणसी, कुशीनगर, मैनपुरी, बलरामपुर और हमीरपुर। कमजोर परफॉर्मर जिले: गौतमबुद्धनगर, लखनऊ, प्रतापगढ़, अमेठी और मुजफ्फरनगर। धारा-116 (जमीन का बंटवारा): पुराने केसों के लिए बनेगी स्पेशल स्ट्रेटेजी पेंडिंग केसों की स्थिति: जनवरी में 1,69,693 केस लंबित थे, जो अब घटकर 1,14,479 बचे हैं। बेस्ट परफॉर्मर जिले: वाराणसी, एटा, आजमगढ़, लखीमपुर खीरी और महाराजगंज। कमजोर परफॉर्मर जिले: प्रतापगढ़, मुजफ्फरनगर, कानपुर नगर, गोंडा और बलिया। वरासत के लिए नहीं काटने होंगे चक्कर धारा-33 के तहत आने वाले निर्विवादित वरासत मामलों पर बात करते हुए बताया गया कि 22 मई 2026 तक प्राप्त 7,15,872 आवेदनों में से 6,52,512 का निपटारा कर दिया गया है। सीएम योगी ने साफ किया कि पैतृक संपत्तियों के ट्रांसफर या वरासत के नाम पर आम जनता को तहसीलों के चक्कर नहीं काटने पड़ने चाहिए।
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महीनों केस लटकाया तो नपेंगे अधिकारी:सीएम योगी ने कहा- आंकड़ों की बाजीगरी नहीं… जमीन पर राहत दे















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