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सरगुजा में आईपीएल सट्टे के कारण कर्ज में डूबे एक व्यवसायी ने जहर सेवन कर लिया। युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। सोमवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। युवक लंबे समय से सट्टे पर दांव लगा रहा था। एक पखवाड़े में अंबिकापुर में सट्टे के कारण आत्महत्या करने की यह दूसरी घटना है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर के सद्भावना चौक निवासी आशीष जनरल स्टोर्स के संचालक आशीष गर्ग (43 वर्ष) ने रविवार को सल्फॉस खा लिया। उसे इलाज के लिए मिशन हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान रात को उसकी मौत हो गई। आशीष गर्ग को जानने वालों के अनुसार वह सट्टा खेलने का आदी था और एक करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज में डूबा था। नहीं मिला सुसाइड नोट, पहले भी आत्महत्या की कोशिश
आशीष गर्ग सद्भावना चौक में पत्नी एवं दो बच्चों के साथ रहता था। उसकी आशीष जनरल स्टोर्स दुकान है। आशीष गर्ग के पिता प्रेमचंद गर्ग एवं एक बेटे का परिवार उनके साथ चांदनी चौक के पास कालोनी में निवास करते हैं। आशीष गर्ग के भाई ने बताया कि उसका व्यवसायी अच्छा नहीं चल रहा था। काफी कर्ज हो जाने के कारण उसे पिता ने भी पैसा दिया था। परिजनों के अनुसार एक बार पहले भी आशीष गर्ग ने कुएं में कूदकर आत्महत्या की कोशिश की थी, लेकिन वह संकरे कुएं में फंस गया था एवं उसे निकाल लिया गया था। पुलिस को जांच में उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। 10 दिनों में सुसाइड की दूसरी घटना अंबिकापुर में सट्टे के कारण सुसाइड की यह दूसरी घटना है। 8 मई को पुराना बस स्टैंड के पास अंश ड्राई फ्रूट्स दुकान के संचालक संदीप अग्रवाल (40 वर्ष) ने दुकान में सल्फॉस खा लिया। उसकी भी मौत हो गई थी। संदीप अग्रवाल ने दो सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें सट्टे के कारण लाखों रुपये का कर्ज होने की जानकारी दी थी। कोतवाली टीआई शशिकांत सिन्हा ने बताया कि परिवार के सदस्यों ने कर्ज के कारण आत्महत्या करने की जानकारी दी है। मामले की जांच की जा रही है। परिवार के लोगों ने सट्टा को लेकर कर्ज होने का बयान पुलिस के समक्ष नहीं दिया है।
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सट्टे के कारण कर्ज में डूबे व्यवसायी ने की आत्महत्या:जहर सेवन से हो गई मौत, सरगुजा में एक पखवाड़े में दूसरी घटना















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