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सीधी जिला पंचायत सभागार में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में लोगों को परेशानी हुई। जिलेभर से पहुंचे करीब 500 से अधिक लोग मात्र 4 फीट चौड़े रास्ते में घंटों खड़े रहने को मजबूर थे। एक बार में केवल 15 लोगों को प्रवेश देने की व्यवस्था के कारण परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे अव्यवस्था की स्थिति बनी रही। बैठने की व्यवस्था नहीं, पेयजल का भी अभाव सभागार परिसर में 100 किलोमीटर दूर से आए ग्रामीणों के लिए बैठने का कोई प्रबंध नहीं था। पूरे परिसर में मात्र 9 कुर्सियां रखी गई थीं, जिसके कारण वृद्धों और महिलाओं को जमीन पर बैठना पड़ा या घंटों खड़ा रहना पड़ा। भीषण गर्मी के बावजूद प्रशासन द्वारा पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं किया गया था।
मेन गेट से ही वापस लौटे बुजुर्ग जनसुनवाई में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग लाइन की व्यवस्था नहीं थी। रामपुर नैकिन और मझौली जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से आए दिव्यांगों को भीड़ के कारण मुख्य द्वार से ही वापस लौटना पड़ा। भगवानपुर के श्यामलाल साहू और महखोर के रोहित गुप्ता ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक कर्मचारियों ने दिव्यांगों को अंदर जाने से रोक दिया, जिससे वे अपनी समस्या कलेक्टर को नहीं बता सके। जिम्मेदार अधिकारियों ने नहीं दी प्रतिक्रिया ट्राई साइकिल की मांग लेकर पहुंचे दिव्यांग मुन्नालाल साकेत ने बताया कि भीड़ में धक्का लगने के कारण वे सुनवाई कक्ष तक नहीं पहुंच पाए। इस पूरी अव्यवस्था और बदइंतजामी के संबंध में जब जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह सोलंकी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से साफ इनकार कर दिया।
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सीधी में जनसुनवाई के बीच अव्यवस्था:चार फीट चौड़े रास्ते में फंसे रहे 500 आवेदक; दिव्यांग-बुजुर्गों को नहीं मिला प्रवेश














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