चतरा में भाई ही निकला भाई का कातिल:500 घंटे CCTV फुटेज और SIT जांच के बाद हुआ खुलासा, विवाद होने पर दिया था धक्का




चतरा पुलिस ने अनिष कुमार हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस की विशेष जांच दल (SIT) ने खुलासा किया है कि अनिष की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके सगे बड़े भाई मनीष कुमार ने की थी। यह घटना नशे की हालत में हुई धक्का-मुक्की के बाद हुई। चतरा के जयशंकर नगर सजना निवासी अनिष कुमार 7 मार्च को लापता हो गए थे। बाद में उनका शव प्रखंड कार्यालय के पास एक बंद शौचालय के पास बरामद हुआ। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने सदर एसडीपीओ संदीप सुमन के नेतृत्व में एक SIT का गठन किया। SIT के लिए यह जांच आसान नहीं थी। पुलिस ने हत्यारे तक पहुंचने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों से 500 घंटे से अधिक के CCTV फुटेज खंगाले। डिजिटल साक्ष्यों, फॉरेंसिक सबूतों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का बारीकी से विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान जब संदेह की सुई मृतक के भाई मनीष कुमार की ओर घूमी, तो पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में मनीष टूट गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। मनीष ने अपने कबूलनामे में बताया कि 6 और 7 मार्च की दरम्यानी रात वह अनिष को ढूंढते हुए प्रखंड कार्यालय के पास बने शौचालय की छत पर पहुंचा था। अनिष वहां नशे में धुत था। जब मनीष ने उसे घर चलने को कहा, तो अनिष ने मना कर दिया और गाली-गलौज करने लगा। विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान मनीष ने अनिष को जोर से धक्का दिया, जिससे वह संतुलन खोकर सीढ़ियों से लुढ़कता हुआ नीचे जा गिरा। जब मनीष नीचे पहुंचा, तब तक अनिष की मौत हो चुकी थी। घबराहट में मनीष ने इस मौत को एक दुर्घटना का रूप देने की योजना बनाई। उसने भाई के शव को घसीटकर शौचालय के बाहर बनी टंकी के पास रख दिया, ताकि ऐसा लगे कि अनिष नशे की वजह से छत से गिर गया और उसकी मौत हो गई। गिरफ्तार मनीष कुमार का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। वह पहले भी सदर थाना के कांड संख्या 38/20 (हत्या का प्रयास) और कांड संख्या 11/21 (आर्म्स एक्ट) में जेल जा चुका है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *