एंबुलेंस ड्राइवर हत्याकांड: पिता, बहन और प्रेमी को उम्रकैद:संपत्ति विवाद में किया था अपहरण; हाथ-पैर बांधकर हत्या के बाद शव नर्मदा में फेंका था




बैतूल के चर्चित एंबुलेंस ड्राइवर अपहरण और हत्या मामले में सत्र न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी अनिल बामने, आरती बामने और नवनीत सराठे को अपहरण के मामले में 7-7 साल के सश्रम कारावास तथा हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक आरोपी पर 13-13 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामला सारणी थाना क्षेत्र के घोड़ाडोंगरी का है। मृतक दीपक बामने निजी एंबुलेंस चालक था। अभियोजन के अनुसार 6 फरवरी की रात करीब 12.30 बजे सर्राफा बाजार क्षेत्र से उसका कार में अपहरण किया गया था। पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। फुटेज में आरोपी दीपक के साथ मारपीट करते हुए उसे होंडा सिटी कार में जबरन बैठाकर ले जाते दिखाई दिए थे। संपत्ति विवाद में रची हत्या की साजिश जांच में सामने आया कि संपत्ति विवाद के चलते मृतक के पिता अनिल बामने, सौतेली बहन आरती बामने और आरती के प्रेमी नवनीत सराठे ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने दीपक के हाथ-पैर और मुंह बांधकर उसकी हत्या कर दी और शव को नर्मदा नदी में फेंक दिया था। घोड़ाडोंगरी पुलिस ने 7 फरवरी को अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पूछताछ के दौरान पुलिस को पिता और बहन पर शक हुआ। सख्ती से पूछताछ में आरोपियों ने हत्या कर शव नर्मदा नदी में फेंकने की बात कबूल कर ली। देखिए तीनों आरोपी… नर्मदा किनारे रेत में मिला शव इसके बाद पुलिस आरोपियों को लेकर नर्मदापुरम के गोंदरी घाट पहुंची, जहां नदी किनारे रेत के टीले पर शव बरामद हुआ। मृतक के हाथ बंधे हुए थे। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। पुलिस ने पहले आरोपी पिता अनिल बामने को गिरफ्तार किया था। जबकि आरती और नवनीत फरार हो गए थे। बाद में दोनों के उज्जैन में छिपे होने की जानकारी मिली। पुलिस ने नवनीत को उज्जैन से गिरफ्तार किया, जबकि आरती भोपाल भाग गई थी। बाद में उसे भोपाल से पकड़ा गया। गिरफ्तारी कार्रवाई में थाना प्रभारी अवधेश तिवारी, एएसआई संत कुमार परतेती और आरक्षक सतीश वाड़ीवा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत मामले की सुनवाई के दौरान सीसीटीवी फुटेज अभियोजन का सबसे मजबूत साक्ष्य बना। फुटेज को जूम करने पर आरोपियों द्वारा दीपक को जबरन कार में बैठाकर ले जाना स्पष्ट दिखाई दिया। न्यायालय ने इसे “लास्ट सीन” की महत्वपूर्ण कड़ी मानते हुए अन्य साक्ष्यों के साथ आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने वारदात में प्रयुक्त होंडा सिटी कार को भी राजसात करने के आदेश दिए हैं। मामले में शासन की ओर से पैरवी शासकीय लोक अभियोजक नितिन मिश्रा ने की। बताया गया कि आरोपी आरती बामने की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से निरस्त हो चुकी थी, जबकि नवनीत सराठे की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी।



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