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बालाघाट नगरपालिका द्वारा शहर के सौंदर्यीकरण के लिए किए गए दो प्रमुख कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में लोकार्पित शहीद पार्क स्थित वॉटर फाउंटेन 10 दिन के भीतर क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं काली पुतली चौक पर स्थापित भारत माता की प्रतिमा का रंग सात महीने में ही बदल दिया गया है। इन घटनाओं से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। इसी माह बंगाल चुनाव के नतीजों के दिन आंबेडकर चौक स्थित शहीद पार्क में वॉटर फाउंटेन का लोकार्पण किया गया था। शहीद प्रतिमा स्थल के समतलीकरण का कार्य कर रही जेसीबी के पंजे से यह नवनिर्मित फाउंटेन क्षतिग्रस्त हो गया। इसमें जगह-जगह दरारें आ गई हैं, जिससे विपक्षी दल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, पिछले वर्ष 6 अक्टूबर को काली पुतली चौक पर भारत माता की प्रतिमा स्थापित की गई थी। यह प्रतिमा पहले तिरंगे के रंगों में रंगी हुई थी। हालांकि, महज सात महीनों के भीतर ही नगरपालिका ने इस प्रतिमा और उसके साथ शेर की प्रतिमा को कॉपर रंग में रंग दिया है। इस रंग परिवर्तन को लेकर भी नागरिकों और पार्षदों में चर्चा है। नगरपालिका अध्यक्ष भारती ठाकुर ने इन मुद्दों को “कोई बड़ा मामला नहीं” बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा कार्यालय के पास बने अटल उद्यान में स्थापित कॉपर रंग की अटल प्रतिमा देखने के बाद कुछ लोगों ने सुझाव दिया था कि भारत माता की प्रतिमा को भी कॉपर रंग में रंगने से वह अच्छी लगेगी। उन्होंने कहा कि किसी शुभचिंतक ने यह रंग परिवर्तन किया है और इसमें नगरपालिका का कोई अतिरिक्त खर्च नहीं लगा है। शहीद पार्क के फाउंटेन के क्षतिग्रस्त होने के संबंध में अध्यक्ष ठाकुर ने बताया कि नगरपालिका के जेसीबी चालक से शहीद प्रतिमा स्थल के समतलीकरण के दौरान गलती से फाउंटेन के स्ट्रक्चर पर पंजा लग गया, जिससे उसमें दरारें आ गईं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इसमें सुधार कार्य किया जाएगा। काली पुतली चौक और आंबेडकर चौक पर नगरपालिका द्वारा किए गए सौंदर्यीकरण के इन कार्यों में सुधार और तोड़फोड़ की घटनाओं ने निर्माण की गुणवत्ता को सवालों के घेरे में ला दिया है, जिससे नागरिकों में चिंता बनी हुई है।
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बालाघाट में 10 दिन में टूटा वॉटर फाउंटेन:भारत माता प्रतिमा का रंग 7 महीने में बदला, गुणवत्ता पर सवाल















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