एनटीए को भंग करो, नीट दोबारा कराओ:पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची फाइमा; निगरानी समिति, सीबीआई रिपोर्ट समेत 6 मांगें




नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के विवाद के बीच डॉक्टरों के संगठन फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन फाइमा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। संगठन ने मांग की है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एनटीए को भंग किया जाए, नीट परीक्षा दोबारा कराई जाए और पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो। बुधवार को दाखिल याचिका में परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई गई है। एनटीए ने 2024 से सबक नहीं लिया फाइमा से जुड़े डॉ. आकाश सोनी ने कहा कि 2024 में भी नीट पेपर लीक का मामला सामने आया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने समिति बनाई थी, लेकिन एनटीए ने कई सिफारिशों को लागू नहीं किया। उनका आरोप है कि एजेंसी ने पिछली घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया और पुरानी व्यवस्था पर ही काम करती रही। डॉ. सोनी ने कहा, “अगर दोबारा इसी एजेंसी से परीक्षा कराई गई तो छात्रों और देश का भरोसा फिर टूटेगा। इसलिए हमारी सबसे बड़ी मांग है कि एनटीए को पूरी तरह भंग किया जाए।” नई परीक्षा सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो फाइमा ने मांग की है कि यदि नीट-यूजी 2026 दोबारा कराई जाती है तो पूरी परीक्षा प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जल्द से जल्द पूरी कराई जाए, ताकि छात्रों का भरोसा बहाल हो सके। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग संगठन ने कहा कि पेपर लीक में अब तक जिन लोगों की भूमिका सामने आई है, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। सुप्रीम कोर्ट में फाइमा की 6 बड़ी मांगें छात्रों के भरोसे की लड़ाई बताई फाइमा का कहना है कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि देश के लाखों मेडिकल छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली में भरोसे की लड़ाई है। अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *