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रांची| झारखंड में नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। स्कूली शिक्षा एंव साक्षरता विभाग ने इसके लिए विभिन्न समितियों का गठन किया है।
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सरकारी विद्यालयों के लिए गठित कमेटी की बैठक 7 मई 2026 को हो चुकी है, जबकि वित्त रहित संस्थाओं से संबंधित कमेटी की बैठक 19 मई 2026 को विभाग में आयोजित होगी। वित्त रहित संस्थाओं के लिए गठित कमेटी के संयोजक माध्यमिक शिक्षा के उपनिदेशक शिवेंद्र कुमार बनाए गए हैं। वहीं जैक के सचिव को भी समिति का सदस्य बनाया गया है।
बैठक में इंटरमीडिएट कॉलेजों में 9वीं और 10वीं की पढ़ाई शुरू करने तथा उच्च विद्यालयों में 11वीं और 12वीं की कक्षाएं संचालित करने के प्रस्ताव पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। सरकार की मंशा इसी शैक्षणिक सत्र से नई शिक्षा नीति को राज्य में लागू करने की है। इसके लिए समिति प्रारूप तैयार करने में जुटी हुई है। इधर, इस प्रस्तावित बदलाव को देखते हुए वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने राज्य के वित्त रहित एवं अनुदानित उच्च विद्यालयों, इंटरमीडिएट कॉलेजों, संस्कृत विद्यालयों और मदरसा विद्यालयों के प्राचार्यों, प्रधानाचार्यों एवं शिक्षक प्रतिनिधियों की बैठक 16 मई 2026 को सर्वोदय बाल निकेतन उच्च विद्यालय, धुर्वा में बुलाई है।
राज्य में अंगीभूत एवं संबद्ध डिग्री कॉलेजों में इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी तरह बंद हो चुकी है। वर्तमान में राज्य में 640 प्लस टू विद्यालय, लगभग 200 इंटरमीडिएट स्वीकृत कॉलेज और 200 से अधिक स्वीकृत उच्च विद्यालय संचालित हैं। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से छात्रों को नामांकन में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। मोर्चा के रघुनाथ सिंह, कुंदन कुमार सिंह, अरविंद सिंह, संजय कुमार, चंदेश्वर पाठक, देवनाथ सिंह, मनीष कुमार, गणेश महतो ने कहा कि शुक्रवार की बैठक में रणनीति बनेगी।












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