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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) मेरठ में तैनात जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) मनीष बिसारियां पर गंभीर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोप लगने के बाद अब कार्रवाई करते हुए पूरे प्रकरण में एक जांच टीम गठित कर दी गई है, जो पांच दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और उसी के आधार पर आगे कार्रवाई होगी। दो दिन पहले वायरल हुए वीडियो का संज्ञान लेते हुए CMO मेरठ ने DPM कार्यालय को सील कर दिया था। इसके साथ ही मनीष बिसारियां को अग्रिम आदेशों तक किसी भी शासकीय कार्य से दूर रहने के आदेश जारी कर दिए गए थे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार संज्ञान में आए प्रकरण के अनुसार मनीष बिसारियां द्वारा NHM के अंतर्गत जनपद स्तर पर MBBS चिकित्सकों की भर्ती में 4 से 5 लाख रुपये तथा आयुष चिकित्सकों की भर्ती में 2 से 3 लाख रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही थी। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर BPM के माध्यम से कर्मचारियों के नवीनीकरण के नाम पर धन उगाही, डूडा के जरिए वार्ड बॉय और स्वीपर की नियुक्ति में 50 हजार से 1 लाख रुपये तक लेने, कर्मचारियों के स्थानांतरण के नाम पर वसूली और महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। आरोपों में यह भी कहा गया है कि संबंधित अधिकारी वाहन संबंधी टेंडरों में सहभागिता करने के साथ-साथ नौकरी के दौरान ठेकेदारी के कार्यों में भी संलिप्त थे। मामले का संज्ञान लेते हुए CMO मेरठ ने 17 मई को मनीष बिसारियां से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा था। वहीं 18 मई 2026 को अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मिशन निदेशक NHM लखनऊ और अपर निदेशक मेरठ मंडल को पूरे मामले की सूचना भेज दी गई। विभागीय कार्रवाई के तहत डॉ. सुधीर कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी मेरठ को DPMU कार्यालय सील कराने के निर्देश दिए गए थे।
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मेरठ DPM पर रिश्वत के आरोप में जांच टीम गठिम:5 दिन में देनी है रिपोर्ट, उसी के आधार पर होगी आग्रिम कार्रवाई















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