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बैतूल जिले में बढ़ते जलसंकट के बीच आमला जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत अम्बाड़ा के ग्रामीण मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। बड़ी संख्या में महिलाओं और ग्रामीणों ने गांव में गंभीर पेयजल संकट को लेकर अधिकारियों को आवेदन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पर्याप्त जल स्रोत होने के बावजूद पंचायत और संबंधित विभाग नल-जल योजना का सही संचालन नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते लोगों को पानी के लिए रोजाना परेशान होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पीएचई विभाग का कुआं, पंचायत का कुआं, छोटे तालाब और ट्यूबवेल जैसे कई जल स्रोतों में अभी भी पर्याप्त पानी उपलब्ध है। इसके बावजूद गांव में नियमित जल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। स्थिति यह है कि महिलाओं को पड़ोसी गांवों से करीब 2 किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है, जबकि कई परिवार निजी खेतों के कुओं पर निर्भर हैं। पांच तस्वीरों में देखिए जलसंकट… ‘जल स्रोत होने के बावजूद घरों तक नहीं पहुंच रहा पानी’ ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि नल-जल योजना की सही निगरानी नहीं होने से जल स्रोत होने के बावजूद पानी घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि पीएचई विभाग के पक्के कुएं में करीब 25 फीट तक पानी भरा है। पंचायत के कुएं और तालाबों में भी पर्याप्त पानी मौजूद है। महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में तत्काल नियमित पानी की व्यवस्था की जाए, नल-जल योजना को सुचारु रूप से संचालित किया जाए और पंचायत को नया पानी टैंकर उपलब्ध कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत का पुराना टैंकर खराब हालत में है, जिससे पानी सप्लाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, उन्होंने 12 मई को जनसुनवाई में भी इस समस्या की शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
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बैतूल में जलसंकट को लेकर ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट:अम्बाड़ा गांव की महिलाएं बोलीं-2 किलोमीटर दूर से ला रहीं पानी; नया टैंकर दिए जाएं















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