तेंदूपत्ता तोड़ने गए ग्रामीण पर बाघ का हमला:झाड़ियों से गर्दन दबोचकर एक KM दूर घसीट ले गया; ग्रामीणों ने शव रख किया चक्काजाम




बालाघाट जिले के वन विकास निगम लामता प्रोजेक्ट के चमरवाही बीट में मंगलवार को बाघ ने तेंदूपत्ता संग्रहण कर रहे एक ग्रामीण पर हमला कर दिया। बाघ झाड़ियों में छिपा था और उसने अचानक ग्रामीण की गर्दन दबोच ली। इस दौरान साथ मौजूद महिलाओं के शोर मचाने पर बाघ उसे करीब एक किलोमीटर दूर नाले के पास घसीट ले गया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने लालबर्रा मुख्य मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। नाले के पास मिला क्षत-विक्षत शव सिवनी जिले का निवासी इंद्रकुमार (45) चार महिलाओं के साथ जंगल में पत्तियां बीन रहा था। बाघ के हमले के बाद सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया। घटनास्थल से मृतक की चप्पलें और बोरी मिलीं, जबकि शव एक किलोमीटर दूर सुनसान नाले के पास क्षत-विक्षत हालत में बरामद हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। परिजनों को 8 लाख रुपए की सहायता राशि लालबर्रा रेंजर विजय कुमरे ने बताया कि वन्यप्राणी हमले में मौत होने पर शासन की ओर से कुल 8 लाख रुपए की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से 20,000 रुपए की तात्कालिक सहायता राशि परिजनों को मौके पर ही सौंप दी गई है। शेष 7.80 लाख रुपए कागजी औपचारिकताएं पूरी होते ही पीड़ित परिवार के बैंक खाते में ट्रांसफर करेंगे। एक महीने में बाघ का दूसरा हमला क्षेत्रवासियों ने बताया कि लामता रेंज में एक महीने के भीतर बाघ के हमले की यह दूसरी घटना है। इससे पहले अंतरा गांव में भी एक व्यक्ति की जान जा चुकी है। लगातार हो रहे हमलों से लालबर्रा और लामता क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में हैं। वन विभाग ने जंगल की सीमाओं पर 24 घंटे की गश्त शुरू कर दी है और ग्रामीणों को अकेले जंगल न जाने की सलाह दी है।



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