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- Indore Mother To Donate Kidney After 4 Years Of Crisis; 46 Birth Certificates Issued, Aid Provided A
इंदौर5 घंटे पहले
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मंगलवार को भीषण गर्मी में कलेक्टर की जनसुनवाई में कई लोग अलग-अलग समस्याओं और शिकायतों के निराकरण के लिए आए। इनमें से कइयों को आर्थिक मदद दी गई जबक कई मामले जांच में हैं।
राम नगर निवासी शोभा संतोष घाईतड़क ने बताया कि मेरी बेटी सोनिया (28) का इलाज एमवाय अस्पताल और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में चल रहा है। पिछले चार वर्षों से उसका लगातार डायलिसिस हो रहा है। इससे पहले मुंबई के केईएम अस्पताल में भी इलाज चला, लेकिन आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण हर दिन संघर्ष करना पड़ रहा था।
परिवार में कोई सहारा नहीं है, इसलिए इलाज से लेकर घर चलाने तक की पूरी जिम्मेदारी अकेले मुझे ही संभालनी पड़ रही है।
बेटी की दवाइयों, खाने-पीने, अस्पताल आने-जाने और अन्य खर्चों के लिए मुझे लोगों से मदद मांगनी पड़ी। शुरुआत में मैं किडनी ट्रांसप्लांट के बारे में सोच भी नहीं सकती थी, क्योंकि डायलिसिस का खर्च उठाना ही मुश्किल था। पिछले चार वर्षों में मैंने दुकान-दुकान जाकर लोगों से मदद मांगी और एक-एक रुपया जोड़कर बेटी के इलाज का प्रयास किया।
धीरे-धीरे लोगों का सहयोग मिलने लगा तो मैंने अपनी बेटी को किडनी देने का निर्णय लिया। लेकिन उसमें भी एक समस्या सामने आई। मेरा ब्लड ग्रुप एबी पॉजिटिव है और बेटी का बी पॉजिटिव, इसलिए सामान्य ट्रांसप्लांट संभव नहीं है। डॉक्टरों ने बताया कि प्लाज्मा थेरेपी के जरिए ट्रांसप्लांट करना होगा।
हमने कई अस्पतालों में जानकारी ली। इंदौर के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन का खर्च करीब नौ लाख रुपए बताया गया, जो हमारे लिए संभव नहीं था। बाद में किसी ने जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल की जानकारी दी। वहां ऑपरेशन के लिए लगभग सात लाख रुपए का खर्च बताया गया। इसके बाद एक सामाजिक कार्यकर्ता मुझे कलेक्टर कार्यालय लेकर गए और वहां पूरी स्थिति बताई।
कलेक्टर ने तत्काल दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिलवाई। इसमें एक लाख रुपए प्रशासन की ओर से और एक लाख रुपए उनकी टीम के सहयोग से उपलब्ध कराए गए। उन्होंने यह भरोसा भी दिया कि ऑपरेशन के बाद जयपुर में रहने के दौरान भी मदद की जाएगी, क्योंकि मेरे साथ कोई अन्य नहीं है। मैं और मेरी बेटी, हम दोनों ही एक-दूसरे का सहारा हैं।
4 करोड़ की जमीन पर कब्जे का आरोप
जनसुनवाई में हातोद तहसील की करीब 4 करोड़ रुपए मूल्य की कृषि भूमि पर कब्जे का मामला सामने आया। ग्राम सिंघावदा निवासी इंद्र सिंह यादव ने शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि कुछ भूमाफिया उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं।
46 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनेंगे, स्कूल प्रवेश का रास्ता साफ

इन बच्चों के अब बनेंगे जन्म प्रमाणपत्र।
एयरपोर्ट क्षेत्र निवासी मोहित बच्चों के साथ जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने बताया कि आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में क्षेत्र के 46 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं, जिससे उन्हें स्कूलों में प्रवेश लेने में परेशानी हो रही है। अधिकांश बच्चों का जन्म घर पर हुआ था। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने तत्काल विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनाकर उनका स्कूल प्रवेश सुनिश्चित किया जा सके।
भूतनाथ मंदिर के रास्ते को लेकर कलेक्टर चौराहे पर चक्काजाम

मंदिर के रास्ते को लेकर चक्काजाम करते लोग।
रंगवासा स्थित प्राचीन बाबा भूतनाथ मंदिर के रास्ते को लेकर मंगलवार को बलाई समाज और मंदिर समिति के लोगों ने कलेक्टर चौराहे पर धरना-प्रदर्शन कर चक्काजाम किया। प्रदर्शनकारियों ने मंदिर का रास्ता तत्काल खोलने की मांग की। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि दोनों पक्षों से दस्तावेज लिए गए हैं और परीक्षण के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि 2024 के सीमांकन में मंदिर निजी ट्रस्ट की भूमि पर पाया गया, जबकि दूसरे पक्ष ने सरकारी स्तर पर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।
लावारिस बुजुर्ग को मिला सहारा, समाजजनों ने किया सम्मान
जनसुनवाई में बोहरा समाज के समाजजन भी पहुंचे। समाज की ओर से शेख ताहा ने कलेक्टर शिवम वर्मा को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि बुरहानुद्दीन महूवाला नामक व्यक्ति बीमार हालत में सड़क पर लावारिस अवस्था में मिले थे। जिला प्रशासन के सहयोग से उन्हें वृद्धाश्रम में भर्ती कर उपचार उपलब्ध कराया गया। इस मानवीय पहल के लिए समाजजनों ने प्रशासन का आभार जताया।















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