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मंगलवार को बड़वानी आए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने ‘महाकुंभ वायरल गर्ल’ के केरल में हुए निकाह मामले में खरगोन पुलिस की कार्यवाही पर असंतोष जताया है। मंगलवार शाम बड़वानी में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस को भेजे गए नोटिस पर फिलहाल जवाब की प्रतीक्षा है। बता दें कि आयोग इस मामले में बड़े राजनेताओं और अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच कर रहा है। बाल विवाह और दस्तावेजों में हेराफेरी की शिकायत आयोग को मिली शिकायत के अनुसार, महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष बेचते हुए वायरल हुई 16 वर्षीय किशोरी का विवाह केरल में कर दिया गया। शिकायत में किशोरी के नाबालिग होने, दस्तावेजों में हेराफेरी और विवाह में दबाव या धोखाधड़ी की आशंका जताई गई है। कानूनगो ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह भारत में अपराध है और इसमें शामिल किसी भी रसूखदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। खरगोन एसपी बोले- भेजी जा चुकी है रिपोर्ट मामले में खरगोन एसपी रवींद्र वर्मा ने कहा कि एनएचआरसी के संबंधित विभाग को एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) भेजी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि आरोपी फरमान खान की गिरफ्तारी के लिए खरगोन से दो बार पुलिस टीम केरल भेजी गई है। हालांकि, केरल हाईकोर्ट ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 20 मई तक रोक लगा रखी है, जिसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। अपहरण का केस दर्ज, गिरफ्तारी पर रोक राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की जांच में किशोरी के नाबालिग पाए जाने के बाद महेश्वर पुलिस ने फरमान खान के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया था। फिलहाल मामला कानूनी पेचीदगियों में फंसा है क्योंकि फरमान और किशोरी ने केरल हाईकोर्ट की शरण ली है। एनएचआरसी ने पीड़िता की सुरक्षा, काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए भी कड़े निर्देश जारी किए हैं। वंचितों की समस्याओं पर भी जताई चिंता अपने बड़वानी दौरे के दौरान प्रियंक कानूनगो ने वंचित समुदायों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की कमी के कारण गरीब लोग सरकारी योजनाओं से वंचित हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ पात्र मछुआरों को न मिलने पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
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महाकुंभ वायरल गर्ल मामला, NHRC सदस्य को नहीं मिला जवाब:खरगोन पुलिस को कार्रवाई के लिए भेजा था नोटिस; एसपी बोले-ATR भेजी जा चुकी














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