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भास्कर न्यूज | सरायकेला जिला समाहरणालय, जहां जिले का पूरा प्रशासनिक महकमा बैठता है, उसी के सामने स्थित ढाबों में लोगों को अस्वच्छ और मानकों के विपरीत भोजन परोसा जा रहा था। बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की औचक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुबीर रंजन के नेतृत्व में गौरांगडीह स्थित सिंहदेव ढाबा का निरीक्षण किया गया, जहां किचन में भारी गंदगी पाई गई। खाना बनाने वाले कर्मी बिना हेडगियर और एप्रन के कार्य करते मिले, जबकि व्यक्तिगत स्वच्छता के नियमों की भी अनदेखी की जा रही थी। जांच के दौरान ढाबा संचालक से पानी जांच रिपोर्ट, कर्मियों का मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और पेस्ट कंट्रोल संबंधी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जा सका। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत ढाबा संचालक पर 5000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं परिसर में खुली और जली सिगरेट मिलने पर कोटपा अधिनियम के उल्लंघन में अतिरिक्त 1000 रुपए का दंड वसूला गया। इसी अभियान के दौरान किशन कन्हैया ढाबा में भी कोटपा अधिनियम के उल्लंघन पर 200 रुपए का जुर्माना लगाया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को साफ-सफाई, सुरक्षित पेयजल, मेडिकल जांच और खाद्य मानकों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी है। आगे भी अभियान जारी रहेगा और लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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समाहरणालय के सामने परोसा जा रहा था जहर खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में खुली पोल















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