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बुलंदशहर के यमुनापुरम स्थित प्रो गोल्ड जिम में लाखों रुपये की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है। जीएसटी विभाग की टीम ने जांच के दौरान पाया कि जिम संचालक लंबे समय से शून्य जीएसटी रिटर्न दाखिल कर रहा था, जबकि मौके पर बड़ी संख्या में सदस्य सक्रिय थे। कार्रवाई के दौरान जिम संचालक ने लगभग आठ लाख रुपये मौके पर ही जमा करा दिए। जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर जयंत सिंह और सीटीओ बीरेंद्र पांडेय के नेतृत्व में एक टीम ने प्रो गोल्ड जिम पर गुरुवार दोपहर करीब एक बजे जांच शुरू की। करीब आठ घंटे तक जांच के बाद विभागीय अधिकारियों को जिम में करीब 200 युवाओं का पंजीकरण मिला। इसके विपरीत, जिम के जीएसटी रिटर्न में कारोबार को शून्य दर्शाया जा रहा था। अधिकारियों ने दस्तावेजों और सदस्यता रिकॉर्ड की गहन जांच के बाद कर चोरी की आशंका व्यक्त की। विभागीय कार्रवाई के दबाव में, जिम संचालक ने तत्काल लगभग आठ लाख रुपये का भुगतान कर दिया। इस मामले में आगे भी वित्तीय लेनदेन और कर विवरणियों की जांच जारी रहेगी। वहीं, जिम संचालक की ओर से अधिवक्ता अभिषेक कुमार ने स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि जिम के दो पार्टनरों के बीच विवाद चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक पार्टनर दूसरे को फंसाने के उद्देश्य से जानबूझकर शून्य जीएसटी रिटर्न दाखिल कर रहा था। अधिवक्ता ने कहा कि इस मामले को विभाग के समक्ष स्पष्ट किया जा रहा है। जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि कर चोरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि शहर में अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है और अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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प्रो गोल्ड जिम में लाखों की जीएसटी चोरी का खुलासा:जांच के दौरान संचालक ने मौके पर 8 लाख रुपये जमा कराए















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