सीतामऊ बस स्टैंड पर भीषण आग, 8 दुकानें जलीं:किराना दुकान से फैली, 1 करोड़ से ज्यादा नुकसान का अनुमान




मंदसौर जिले के सीतामऊ बस स्टैंड क्षेत्र में रविवार देर रात करीब 11 बजे भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की शुरुआत उदिया सेठ की किराना दुकान से हुई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर आसपास की 7 से 8 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना में 1 करोड़ रुपए से ज्यादा के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। देखें तस्वीरें दुकानों को खाली कराया गया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किराना दुकान में तेल के ड्रम रखे हुए थे, जिसके कारण आग तेजी से फैल गई और लपटें आसपास की दुकानों तक पहुंच गईं। आग इतनी भयावह थी कि कॉम्प्लेक्स की ऊपरी मंजिल तक धुआं और लपटें फैल गईं। इसके बाद नीचे स्थित दुकानों को तुरंत खाली करवाना पड़ा। आधे घंटे तक नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड स्थानीय लोगों का आरोप है कि आग लगने के करीब आधे घंटे बाद तक फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंच सकी। इस दौरान स्थानीय व्यापारी, नागरिक और पुलिसकर्मी निजी पानी के टैंकरों की मदद से आग बुझाने में जुटे रहे। करीब 6 निजी टैंकरों से लगातार पानी डाला गया, लेकिन आग पर तत्काल काबू नहीं पाया जा सका। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद करवा दी, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। मौके पर मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बना रहा और देर रात तक लोग आग बुझाने के प्रयास में जुटे रहे। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कमलेश प्रजापति पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मी कंबल ओढ़कर और टैंकरों की सहायता से आग बुझाने का प्रयास करते नजर आए। वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी तत्काल सक्रियता दिखाई गई। एसडीएम शिवानी गर्ग और तहसीलदार मोहित सीनम मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। बाद में मंदसौर, नगरी और सुवासरा से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी बुलाई गईं, जिसके बाद आग पर काबू पाने के प्रयास तेज किए गए। रात ढाई बजे तक बुझी आग रात करीब 2:30 बजे आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दुकानों में रखा सामान जलकर खाक हो चुका था। घटना के बाद स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। नागरिकों का कहना है कि सीतामऊ की फायर ब्रिगेड लंबे समय से खराब हालत में पड़ी हुई है, लेकिन नगर परिषद द्वारा इसे सुधारने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय व्यापारियों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद स्वागत द्वार और अन्य निर्माण कार्यों पर खर्च कर रही है, जबकि फायर ब्रिगेड जैसी जरूरी सुविधा की लगातार अनदेखी की जा रही है। लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले भी आगजनी की घटना के दौरान बाहरी नगर परिषदों से दमकल वाहन बुलाने पड़े थे। नई फायर ब्रिगेड की मांग घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन, प्रभारी मंत्री, सांसद और स्थानीय विधायक से सीतामऊ में तत्काल नई और अत्याधुनिक फायर ब्रिगेड उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते दमकल पहुंच जाती, तो नुकसान कम हो सकता था।



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