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रायसेन जिला अस्पताल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के स्त्री रोग विभाग ने शनिवार शाम को जिले में पहली बार दूरबीन पद्धति (लेप्रोस्कोपी) से बच्चेदानी निकालने का जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया। इस सर्जरी में पहली बार “इंट्रा-कॉर्पोरियल सूचरिंग” तकनीक का भी उपयोग किया गया। ग्राम बांछोर निवासी 50 वर्षीय रजनी को 19 मई को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। वह पिछले तीन वर्षों से अत्यधिक मासिक रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित थीं। पिछले 15 दिनों से लगातार ब्लीडिंग के कारण उनकी हालत गंभीर हो गई थी। पूरी सर्जरी के दौरान सीएमएचओ डॉ दिनेश खत्री भी मौजूद रहे। उन्होंने टीम का उत्साह वर्धन किया। दवा से आराम नहीं मिला तो जांच कराई गई
डॉक्टरों ने पहले तीन महीने तक दवाइयों से इलाज किया, लेकिन आराम न मिलने पर जांच कराई गई। जांच में महिला को एडेनोमायोसिस बीमारी होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद डॉक्टरों की टीम ने आधुनिक दूरबीन पद्धति से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक गुप्ता के नेतृत्व में शनिवार को यह सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। डॉक्टरों ने बताया कि लेप्रोस्कोपिक तकनीक में बड़े चीरे की आवश्यकता नहीं होती। इससे मरीज को कम दर्द होता है, संक्रमण का खतरा कम होता है और रिकवरी भी तेजी से होती है। जिला अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से अब मरीजों को बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस सफल ऑपरेशन में अस्पताल प्रबंधन, वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ऑपरेशन के बाद महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है, जिसे स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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रायसेन जिला अस्पताल में पहली बार दूरबीन से बच्चेदानी ऑपरेशन:इंट्रा-कॉर्पोरियल सूचरिंग तकनीक से जटिल सर्जरी सफल, महिला को मिली नई जिंदगी















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