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जनगणना 2027 के मकान सूचीकरण में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने और आवश्यक सामग्री मिलने के बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारी जनगणना कार्य में शामिल नहीं हो रहे हैं, ज
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नगर निगम के विभिन्न जोनों के कुल 615 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इन कर्मचारियों पर जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही और अनुपस्थित रहने का आरोप है।
इसमें बेसिक शिक्षा विभाग, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, बाल विकास पुष्टाहार विभाग, पंचायत विभाग, सीएमओ कार्यालय समेत अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। नगर निगम द्वारा ऐसे कर्मचारियों की सूची संबंधित थानों को भेजते हुए वैधानिक कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया गया है।
जोन-1 में 69 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई
नगर निगम जोन-1 की ओर से जारी पत्र में बताया गया कि जनगणना 2027 के लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी प्रगणक और पर्यवेक्षक के रूप में लगाई गई थी। सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के साथ किट और स्टेशनरी भी उपलब्ध करा दी गई थी, लेकिन 69 कर्मचारी कार्य में शामिल नहीं हुए। इसके बाद ऐसे कर्मचारियों की सूची थाना हजरतगंज को भेजते हुए एफआईआर दर्ज करवाने के लिए तहरीर दी गई है।
जोन-7 में स्टेशनरी लेने तक नहीं पहुंचे कर्मचारी
जोन-7 इंदिरानगर कार्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि 62 कर्मचारी स्टेशनरी और नियुक्ति सामग्री लेने तक नहीं पहुंचे। कई कर्मचारियों के मोबाइल फोन बंद मिले या नंबर गलत पाए गए। अधिकारियों ने इसे सरकारी कार्यों के प्रति गंभीर लापरवाही बताया है। ऐसे कर्मचारियों की सूची थाना गाजीपुर को भेजते हुए एफआईआर दर्ज करवाने के लिए तहरीर दी गई है।
जोन-3 और जोन-6 में एफआईआर की तैयारी
नगर निगम के जोन-3 और जोन-6 में भी बड़ी संख्या में कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। जोन-3 में 244 कर्मचारियों के खिलाफ थाना अलीगंज में तथा जोन-6 में 165 कर्मचारियों के खिलाफ थाना ठाकुरगंज में सूची सहित कार्रवाई के लिए तहरीर भेजा गया है। संबंधित थानों से जनगणना अधिनियम 1948 की धारा-11 के तहत थाना अलीगंज व थाना ठाकुरगंज में एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है।
75 के खिलाफ होगा एक्शन
नगर निगम जोन-8 की ओर से भी 75 कर्मचारियों के खिलाफ थाना आशियाना में कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार इन कर्मचारियों को जनगणना पोर्टल पर आईडी बनाने के बाद कई बार दूरभाष और अन्य माध्यमों से सूचना दी गई, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने नियुक्ति पत्र और स्टेशनरी प्राप्त नहीं की।।
जनगणना अधिनियम में सजा का प्रावधान
अधिकारियों ने कहा है कि जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 4, 5 और 11 के तहत नियुक्त कर्मचारी ‘लोक सेवक’ माने जाते हैं और जनगणना कार्य में सहयोग करना उनका कानूनी दायित्व है। यदि कोई कर्मचारी इस कार्य से इंकार करता है या लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ एक हजार रुपये तक जुर्माना और दोष सिद्ध होने पर तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
समय पर उपस्थिति नहीं होने पर कार्रवाई
नगर निगम प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि अनुपस्थित कर्मचारियों को तत्काल जनगणना कार्य में शामिल कराया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में उपस्थिति न होने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी।















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