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देवास जिले में हुई पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना और भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने इंदौर में संचालित पटाखा गोदामों और फैक्ट्रियों की जांच शुरू कर दी है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को प्रशासनिक टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया। इस दौरान सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही मिलने पर तीन पटाखा फैक्ट्रियों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। इनमें दातोदा स्थित लक्ष्मी फायर वर्क एंड इंडस्ट्री, सिमरोल की सतनाम फायर वर्क और घोसीखेड़ा की फटका मैन्युफैक्चरिंग इकाई शामिल हैं। कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम और एसडीओपी महू ने संयुक्त रूप से इन इकाइयों का निरीक्षण किया। प्रशासनिक जांच में पाया गया कि फैक्ट्रियों में शासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर कमियां सामने आईं, जिनमें पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था का अभाव, निर्माण संबंधी नियमों का उल्लंघन और मजदूरों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होना शामिल है। प्रशासन ने इसे गंभीर खतरा मानते हुए तीनों इकाइयों को तत्काल सील करने की कार्रवाई की। जिलेभर में जारी रहेगा जांच अभियान जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पटाखा फैक्ट्रियों और गोदामों की जांच की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके।
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इंदौर में तीन पटाखा फैक्ट्रियां सील:सुरक्षा मानकों में मिली गंभीर लापरवाही; कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई














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