कटनी में 15 संस्थानों पर 10 लाख का जुर्माना:नगर निगम ने फायर NOC न होने पर 7 दिन में सील करने की चेतावनी




कटनी नगर निगम ने शहर के 15 स्कूल, कॉलेज और एक अस्पताल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को नियमों की अनदेखी करने और फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) न लेने की वजह से इन संस्थानों पर करीब 10 लाख रुपए का जुर्माना ठोका गया है। जेपीवी डीएवी स्कूल में हुए हादसे के बाद प्रशासन अब सुरक्षा के मामले में कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है। नगर निगम ने पाया कि शहर के 14 नामचीन स्कूलों और एक बड़े अस्पताल ने अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन नहीं किया है। बार-बार नोटिस देने के बाद भी इन संस्थानों ने न तो फायर ऑडिट कराया और न ही जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए। इसी लापरवाही की वजह से हर संस्था पर 500 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया गया है, जो कुल मिलाकर 9 लाख 97 हजार 500 रुपए हो चुका है। 7 दिनों का आखिरी अल्टीमेटम और सीलिंग की चेतावनी प्रशासन ने सभी दोषी संस्थानों को 7 दिन का आखिरी समय दिया है। इस दौरान उन्हें न केवल जुर्माने की राशि जमा करनी होगी, बल्कि ई-नगरपालिका पोर्टल पर फायर प्लान की मंजूरी के लिए ऑनलाइन आवेदन भी करना होगा। निगम ने साफ चेतावनी दी है कि अगर तय समय में काम नहीं हुआ, तो बिना किसी रियायत के बिल्डिंग को सील कर दिया जाएगा। इसकी वजह से पढ़ाई या मरीजों को होने वाली परेशानी की पूरी जिम्मेदारी स्कूल और अस्पताल प्रबंधन की होगी। इन प्रमुख संस्थानों पर की गई नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों में सरकारी और निजी दोनों शामिल हैं- सरकारी तिलक कॉलेज (कटनी)। सरकारी कन्या कॉलेज (कटनी)। कटनी डिग्री कॉलेज (जगमोहन दास वार्ड)। बारडोली कॉलेज (कावसजी वार्ड)। बार्डस्ले सीनियर सेकेंडरी स्कूल। लाइम सिटी इंटरनेशनल स्कूल। नालंदा पब्लिक स्कूल। सीक्रेट हार्ट स्कूल। विष्णु वेद सरस्वती स्कूल (वार्ड 17)। किड्स केयर स्कूल (वार्ड 16)। अनामिका एकेडमी स्कूल (वार्ड 15)। डायमंड इंग्लिश मीडियम स्कूल (माधवनगर)। कुंदन दास हायर सेकेण्डरी स्कूल। लाला मथुरा दास शिक्षा समिति (वार्ड 11)। बाबा माधव शाह अस्पताल पहले भी दी गई थी चेतावनी, पर नहीं जागे संचालक नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई है। इससे पहले कई बार अखबारों और नोटिस के जरिए इन संस्थानों को आगाह किया गया था। लेकिन संचालकों ने सुरक्षा इंतजामों की जगह मुनाफे को तवज्जो दी और फायर ऑडिट कराने की जहमत नहीं उठाई। मासूमों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं निगम प्रशासन ने सख्त लहजे में कहा है कि जेपीवी डीएवी स्कूल हादसे के बाद अब ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है। स्कूलों में बच्चे और अस्पतालों में गंभीर मरीज होते हैं, उनकी जान को इस तरह खतरे में नहीं डाला जा सकता। प्रशासन का यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक शहर के सभी सार्वजनिक और व्यावसायिक भवन पूरी तरह सुरक्षित और नियम सम्मत नहीं हो जाते।



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