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उज्जैन में नगर निगम ‘कचरा कैफे’ शुरू करने जा रहा है। यहां नागरिक सूखा कचरा देकर खाद्य सामग्री और जरूरत का सामान प्राप्त कर सकेंगे। यह कैफे नानाखेड़ा बस स्टैंड परिसर में बनाया जाएगा। नगर निगम ने स्वच्छता और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह पहल की है। ‘उज्जैन कचरा कैफे’ नानाखेड़ा बस स्टैंड परिसर में करीब 2500 वर्गफीट क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। यहां लोग प्लास्टिक, कागज, कार्डबोर्ड और अन्य सूखा कचरा जमा कर भोजन,नाश्ता या दैनिक उपयोग की वस्तुएं प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर को स्वच्छ बनाना और नागरिकों को कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना है। निगम का लक्ष्य कचरे को अलग-अलग (सेग्रिगेट) करने की आदत विकसित करना है, जिससे रीसाइक्लिंग और प्रोसेसिंग बेहतर हो सके। युवाओं को मिलेगा रोजगार कैफे का संचालन स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर युवाओं और महिलाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे निगम का मानना है कि यह मॉडल शहर के स्वच्छता अभियान को नई दिशा देगा। कैफे की स्थापना रॉयल्टी मॉडल होगा। इसमें नगर निगम किसी भी तरह से भुगतान नहीं करेगा इसमें जो भी एजेंसी आएगी वो ज्यादा रॉयल्टी देने का प्रस्ताव देगी उसे ही काम दिया जाएगा । तीन दिन के भीतर तीन माह की एडवांस रॉयल्टी जमा करना होगी। वही 50 हजार की परफॉर्मेंस गारंटी निगम में देना होगी जो टेंडर लेगा उसे वही कचरे की लॉग बुक भी रखना होगी नगर निगम ने कैफे के लिए जगह चिन्हित कर ली है और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो उज्जैन के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे कचरा कैफे खोले जाएंगे। स्वच्छता के साथ-साथ रोजगार को बढ़ाएंगे नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने कहा- कचरा कैफे के जरिए हम स्वच्छता के साथ-साथ रोजगार को भी बढ़ावा देना चाहते हैं। कचरे की वैल्यू को समझते हुए उसे सही तरीके से अलग करना और उपयोग में लाना जरूरी है। हमें उम्मीद है कि शहरवासियों का अच्छा सहयोग मिलेगा और यह पहल उज्जैन में एक मॉडल के रूप में विकसित होगी। अभी टेंडर निकाले है उसके बाद सर्वे होगा कुछ खास जगह चिन्हित करेंगे बस स्टैंड, मार्केट और भी जगह।
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उज्जैन में कचरे के बदले मिलेगा खाना और सामान:बस स्टैंड पर खुलेगा कचरा कैफे; कचरा प्रबंधन के प्रति लोगों को जागरूक करना उद्देश्य














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