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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रिटायर्ड सेना अधिकारी कर्नल कुश कुमार शर्मा के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी।
न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की एकल पीठ ने यह आदेश कर्नल शर्मा की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याचिका में रक्षा लेखा विभाग और त्रिपुरा लोक सेवा आयोग द्वारा जारी दो वसूली आदेशों को चुनौती दी है।
सेना के पूर्व अधिकारी रहे शर्मा वर्ष 2023 में त्रिपुरा लोक सेवा आयोग के चेयरमैन नियुक्त हुए थे। बाद में रक्षा लेखा विभाग ने उन्हें पुनर्नियुक्त मानते हुए लगभग 22.62 लाख रुपये डी ए की रिकवरी का आदेश जारी कर दिया, जबकि टीपीएससी ने भी करीब 8.09 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान बताकर वसूली शुरू कर दी। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि दोनों आदेश बिना नोटिस और बिना सुनवाई का अवसर दिए पारित किए गए, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। अदालत ने केंद्र सरकार और अन्य प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। साथ ही निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक विवादित आदेशों के आधार पर याची के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए। कोर्ट ने टिप्पणी की कि याचिका की नोटिस ए एस जी आई को दी गई है किन्तु भारत सरकार का पक्ष रखने कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ।
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कर्नल कुश शर्मा के खिलाफ कार्रवाई पर रोक:केंद्र सरकार से जवाब तलब, हाईकोर्ट ने कहा- सरकार का पक्ष रखने कोई नहीं आया














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