![]()
जबलपुर की पाटन तहसील के आगासौद गांव में आवारा कुत्ते ने घर के बाहर खेल रही तीन वर्षीय बच्ची पर हमला कर उसे बुरी तरह नोच डाला। जब बच्ची की मां उसे बचाने पहुंची और कुत्ते को भगाने का प्रयास किया, तो वह घर के अंदर घुस गया और वहां जमीन पर सो रही छह माह की बच्ची को जबड़े में दबोचकर ले जाने की कोशिश की। यह देख मां ने जोर-जोर से शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्ते को वहां से भगाया। घटना में दोनों बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। परिजन तत्काल उन्हें इलाज के लिए पाटन स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर दोनों बच्चियों को जबलपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल दोनों मासूमों का शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज जारी है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने आवारा श्वानों की बढ़ती संख्या पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। आगासोद की सुलोचना भवेदी पति नरेश और दो बच्चियों के साथ रहकर मजदूरी करती हैं। दो दिन पहले पति काम से बाहर गए थे, घर पर सुलोचना दो बच्चियों के साथ थी। गांव के ही एक किसान ने खेत में बना मकान उन्हें रहने को दिया था। सुलोचना घर के अंदर काम कर रही थी, बाहर तीन साल की प्राची खेल रही थी, तभी एक कुत्ते ने बच्ची पर हमला कर दिया। चीख सुनकर मां बाहर निकली और लाठी लेकर उसे भगाया। मां ने जैसे-तैसे बड़ी बेटी को चंगुल से छुड़ाया पर तब तक कुत्ता प्राची के चेहरे व शरीर को बुरी तरह से नोच चुका था। इसके बाद कुत्ता प्राची को छोड़कर घर के अंदर घुस गया, जहां छह माह की बच्ची सो रही थी, उस पर हमला करते हुए जबड़े में दबोच लिया। मां की आवाज सुनकर आसपास रहने वाले लोग आ चुके थे। उन्होंने छोटी बच्ची को कुत्ते से छुड़ाया। दोनों ही बच्ची के शरीर में गहरे घाव आए हैं। सुलोचना का कहना है कि क्षेत्रीय नागरिकों ने दोनों ही बेटियों निजी अस्पताल में भर्ती करवाया है। डॉक्टर ने सर्जरी के लिए बोला है, क्योंकि चेहरे में गंभीर चोट हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का भी पालन नहीं आवारा कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण करने के नगर निगम के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। आवारा कुत्तों का खौफ दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। साल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने कुत्तों को लेकर गाइड लाइन जारी की है, जिसका पालन नहीं किया जा रहा है। शहर में आवारा श्वान की संख्या लगभग एक लाख पार हो गई है। जिले में अब तक एक भी शेल्टर होम नहीं बना है। 15 साल में कुत्तों के बधियाकरण में नगर निगम ने साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा खर्च कर दिए हैं। कुत्ते काट लें तो क्या करें
अगर कुत्ता काट ले तो, तुरंत नल के नीचे पानी की धार लगाकर साबुन से घाव को धोएं। कुत्ता काटने पर रेबीज इंजेक्शन जरूर लगवाएं। घाव पर पट्टी ना बांधे, टांके न लगवाएं। सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी का कहना है कि कुत्ते के हमले में घायल होने की दशा में झाड़फूंक का सहारा नहीं लेना चाहिए। समय रहते रेबीज का इंजेक्शन लगवाएं। उपचार पर लापरवाही करने पर हाइड्रोफोबिया बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। लाखों इंजेक्शन लगे जिला अस्पताल जबलपुर में रोजाना 50 से 60 रैबीज के इंजेक्शन लगाए जा रहे है। वर्ष इंजेक्शन लगाए
2019 26284 2020 12088 2021 19220 2022 19884 2023 14862 2024 12376
2025 13121 आवारा कुत्तों की स्थिति
शहर में कुत्तों की संख्या एक लाख से अधिक है, जबकि गांव में हजारों की संख्या में घूम रहे हैं। नगर निगम का दावा है कि 2200 आवारा कुत्तों का बधियाकरण 4 माह में किया गया है। 126 पिंजरे कंंठौदा बधियाकरण सेंटर में लगाए गए हैं। 1000 रुपए प्रति श्वान के बधियाकरण पर खर्च हो रहे हैं। 30 से 35 कुत्तों का प्रतिदिन बधियाकरण करने का दावा नगर निगम कर रहा है।
Source link
जबलपुर में सगी बहनों को आवारा कुत्ते ने नोचा:मां ने तीन साल की बेटी को छुड़ाया तो छह माह की बेटी को जबड़े में दबा लिया















Leave a Reply