नाबालिग से दुष्कर्म: आरोपी को 20 साल का कठोर कारावास:पीड़ित ने कर ली थी आत्महत्या, कोर्ट ने 2 लाख का जुर्माना भी लगाया




बालाघाट न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी पीयूष जामरे को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश गौतम सिंह मरकाम की अदालत ने पीड़िता के माता-पिता को 2 लाख रुपए का प्रतिकर देने का भी आदेश दिया। यह मामला 2024 का है। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक आरती कपले ने बताया कि घटना से डेढ़ माह पहले एक शादी समारोह में आरोपी पीयूष जामरे और नाबालिग की पहचान हुई थी। इसके एक माह बाद आरोपी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। दो साल पहले किया था दुष्कर्म 16 मार्च 2024 को सुबह करीब 11:30 बजे नाबालिग के माता-पिता और भाई एक रिश्तेदारी में शादी समारोह में गए हुए थे। उस समय लड़की घर में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी दोबारा उसके घर पहुंचा। उसी दिन शाम करीब 4:30 बजे लड़की ने घर में सीलिंग फैन से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन ने बताया था आरोपी का नाम जांच के दौरान परिजनों ने पुलिस को बताया कि आरोपी पीयूष जामरे कई दिनों से उनकी बेटी को परेशान कर रहा था, जिसके कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। शंका के आधार पर पुलिस ने आरोपी पीयूष जामरे को गिरफ्तार किया। कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 450, 305, 376(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत मामला दर्ज किया। संपूर्ण विवेचना के बाद न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया। मामले में 16 गवाहों के बयान मामले में 16 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 और भारतीय दंड संहिता की धारा 376(3) के तहत लगाए गए आरोप सही पाए। इसी आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई।



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