फर्जी डिग्री रैकेट का मास्टरमाइंड भोपाल से पकड़ाया:दमोह में फर्जी डॉक्टर्स की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने किया खुलासा




दमोह के सरकारी आरोग्य केंद्र में फर्जी एमबीबीएस डिग्री के सहारे नौकरी पाने वाले डॉक्टर्स के मामले में पुलिस ने इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड हीरा सिंह कौशल को भोपाल से गिरफ्तार किया है। बुधवार रात दमोह एसपी ने इस बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी ने कई और लोगों के नाम बताए हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें अलग-अलग जिलों के लिए रवाना हो गई हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संजीवनी क्लिनिकों में फर्जी डिग्री से नौकरी कर रहे डॉक्टर्स की संख्या 50 से अधिक हो सकती है। पुलिस अब भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, धार, मंडला और जबलपुर जैसे शहरों में दबिश दे रही है। इस मामले में अब तक दमोह, जबलपुर और भोपाल से कुल चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पकड़े गए तीन आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की और पुलिस रिमांड मिली है। ऐसे शुरू हुआ फर्जी डिग्री का खेल पुलिस जांच में पता चला है कि भोपाल के कोहेफिजा इलाके में रहने वाला मास्टरमाइंड हीरा सिंह कौशल ही इस पूरे गिरोह को चला रहा था। सबसे पहले ग्वालियर और भोपाल के कुछ डॉक्टर इसके संपर्क में आए, जिसके बाद फर्जी डिग्री बनाने का काम शुरू हुआ। सबसे पहले मुरैना के अजय मौर्य की फर्जी डिग्री बनाई गई थी। इसके बाद अजय के जरिए ही कुमार सचिन यादव और राजपाल गौर ने भी फर्जी कागजात बनवाकर सरकारी नौकरी हासिल कर ली। दूसरे डॉक्टर के रजिस्ट्रेशन नंबर पर चल रहा था काम इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब सीएमएचओ डॉ. राजेश अठ्या ने मिली एक गोपनीय सूचना के बाद डॉक्टर्स की डिग्रियों की जांच करवाई। मप्र मेडिकल काउंसिल भोपाल की जांच में राजपाल गौर का रजिस्ट्रेशन फर्जी निकला। उसने साल 2018 के एक पुराने रजिस्ट्रेशन नंबर को बदलकर 2023 का बना लिया था। असल में वह नंबर डॉ. अभिषेक यादव का था, जो नर्मदापुरम में पदस्थ हैं। डॉ. यादव भी यह जानकर हैरान रह गए कि उनके नंबर का गलत इस्तेमाल कैसे हो गया। रीवा और ग्वालियर के कॉलेजों के नाम का इस्तेमाल पकड़े गए आरोपियों के पास से कई विश्वविद्यालयों और मेडिकल संस्थानों के फर्जी दस्तावेज मिले हैं। ये लोग रीवा मेडिकल कॉलेज और जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर के नाम का इस्तेमाल कर फर्जी डिग्रियां तैयार करते थे। कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि अभी इस मामले में कई और बड़े नाम और संस्थाओं के सामने आने की उम्मीद है। पूरे प्रदेश में फैला है जाल एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि इस गिरोह ने पूरे प्रदेश में अपने पैर पसार रखे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें बनाई गई हैं जो लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस की कोशिश है कि प्रदेश के इस बड़े फर्जी डिग्री रैकेट का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।



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