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बलरामपुर में आगामी सेंसस 2027 के पहले चरण की शुरुआत शुक्रवार को श्री देवीपाटन मंदिर धाम से हुई। यह पहली बार है जब जनगणना अभियान किसी सरकारी कार्यालय के बजाय एक धार्मिक स्थल से शुरू किया गया है। इस प्रक्रिया में मंदिरों को भी आधिकारिक कोड नंबर आवंटित किए गए हैं। देवीपाटन मंदिर को जिले का पहला कोड नंबर मिला है, जबकि बिजलीपुर मंदिर को दूसरा नंबर आवंटित किया गया। अपर जिलाधिकारी ज्योति राय और देवीपाटन मंदिर के महंत मिथलेश नाथ योगी ने संयुक्त रूप से इस अभियान का शुभारंभ किया। एडीएम ज्योति राय ने बताया कि सेंसस 2027 के प्रथम चरण में मकानों की सूचीकरण और संसाधनों की गणना की जाएगी। यह चरण 20 जून तक चलेगा। जनगणना में कुल 34 प्रश्न शामिल हैं, जिनका डेटा कर्मचारी घर-घर जाकर डिजिटल माध्यम से एकत्र करेंगे। यह डेटा सीधे मोबाइल ऐप के जरिए भारत सरकार तक पहुंचेगा। एडीएम राय ने स्पष्ट किया कि जनगणना से संबंधित समस्त डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा और आम जनता को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि कलेक्ट्रेट परिसर, सिविल कोर्ट, पुलिस कार्यालय सहित जिले की सभी सरकारी और गैर-सरकारी इमारतों को भी क्रमवार नंबर आवंटित किए जा रहे हैं। अभियान की शुरुआत जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे देवीपाटन मंदिर धाम, झारखंडी महादेव मंदिर, बिजलीपुर मंदिर, हनुमानगढ़ी मंदिर और शनि मंदिर से की गई है। इसका उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया में धार्मिक स्थलों को शामिल करना है, जो जनगणना के इतिहास में एक नई मिसाल कायम कर रहा है।
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बलरामपुर में देवीपाटन मंदिर से Census 2027 की शुरुआत:पहली बार मंदिरों को मिला आधिकारिक कोड















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