रीवा से 8 हजार में खरीदा गया खून क्लॉटेड निकला:सतना अस्पताल में पॉलिथिन में पहुंची ब्लड यूनिट; दलालों के जरिए सौदेबाजी सामने आई




सतना जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज के लिए रीवा से मंगाया गया खून जांच में क्लॉटेड निकला। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें ब्लड एक्सचेंज के नाम पर दलाल के जरिए 8 हजार रुपए में यह खून खरीदना पड़ा। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आ गया है और जांच के निर्देश दिए गए हैं। रीवा जिले के महादेवा सेमरिया निवासी रामऔतार साकेत 12 मई को सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल के आर्थो वार्ड में भर्ती कराया गया। जांच में उनका हीमोग्लोबिन 7 ग्राम मिलने पर डॉक्टरों ने ए पॉजिटिव ब्लड की दो यूनिट की आवश्यकता बताई थी। पॉलिथिन में ब्लड लेकर पहुंचा था
परिजनों ने बताया कि ब्लड एक्सचेंज में तत्काल व्यवस्था न होने पर घायल के दामाद दिलीप कुमार वर्मा ने अपने परिचित रमेश साहू से संपर्क किया। रमेश ने खून उपलब्ध कराने का भरोसा दिया और कुछ औपचारिकताएं पूरी कराईं। इसके बाद 50 किलोमीटर दूर रीवा स्थित विंध्या ब्लड बैंक एंड कंपोनेंट सेंटर ऑफ विंध्या स्वास्थ्य सेवा समिति से दो यूनिट ब्लड भेजा गया। अभय सिंह नामक व्यक्ति जिला अस्पताल के बाहर पॉलिथिन में ब्लड लेकर पहुंचा, जिसके एवज में यूपीआई के जरिए उसे 8 हजार रुपए का भुगतान किया गया। जब इस ब्लड को क्रॉसमैच के लिए जिला अस्पताल के ब्लड बैंक ले जाया गया, तो ड्यूटी पर मौजूद लैब टेक्नीशियन आशीष तिवारी और लक्ष्मीकांत वर्मा ने जांच में इसे क्लॉटेड बताया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि ब्लड का परिवहन बिना कोल्ड चेन बनाए किया गया था और जरूरी जांच प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। इससे मरीज की जान को खतरा हो सकता था। मामला सामने आने के बाद एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया अस्पताल पहुंचे और परिजनों की शिकायत लेकर जांच के निर्देश दिए। शिकायत के बाद अस्पताल में मचा हडकंप
मामले की जानकारी सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह तक पहुंचने के बाद अस्पताल में हडकंप मच गया। सूचना पर एसडीएम भी जिला अस्पताल पहुंचे और परिजनों से लिखित आवेदन लिया। अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच के लिए ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अंकिता पाण्डेय, सहायक प्रबंधक धीरेन्द्र वर्मा, ड्रग इंस्पेक्टर प्रियंका चौबे और डायटीशियन जीएस तिवारी की समिति गठित की है। समिति को तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। दिसम्बर के बाद आया ऐसा मामला
गौरतलब है कि दलालों के जरिए खून का सौदा करने का मामला दिसम्बर के बाद अब सामने आया है। थैलेसीमिया पीड़ित 5 बच्चों में एचआईवी संक्रमण मिलने के बाद स्वास्थ्य महकमा इस मामले में सख्ती बनाए हुए हैं। ब्लड ट्रांसफ्यूजन के मामले में प्रत्येक कदम फूंक-फूंककर रखा जा रहा है। सतना में खून के सौदागरों में नकेल कसने का परिणाम है कि अब ये दलाल रीवा से खून का सौदा कर रहे हैं और जरूरतमंदों से मुंहमांगा दाम वसूल रहे हैं।



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