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संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन को जंक्शन बनाने पर अब आधिकारिक मुहर लग गई है। वेस्ट सेंट्रल रेलवे, जबलपुर के महाप्रबंधक कार्यालय अधिसूचना जारी कर 14 स्टेशनों को जंक्शन घोषित किया गया। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिससे इन स्टेशनों के नाम में ‘जंक्शन’ जोड़ा जाएगा। इस अधिसूचना में भोपाल मंडल का संत हिरदाराम नगर स्टेशन (SHRN) भी शामिल है, जिसे अब “संत हिरदाराम नगर जंक्शन” के रूप में जाना जाएगा। इससे पहले राजधानी में मुख्य रूप से भोपाल रेलवे स्टेशन ही प्रमुख जंक्शन के रूप में जाना जाता था, ऐसे में यह शहर के लिए बड़ी सौगात मानी जा रही है। नाम बदले, कोड वही रहेंगे
रेलवे द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन स्टेशनों के अल्फाबेटिकल और न्यूमेरिकल कोड में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। केवल स्टेशन के नाम के साथ “जंक्शन” जोड़ा जाएगा। सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने रिकॉर्ड, दस्तावेजों और स्टेशन परिसर में आवश्यक बदलाव करें। इन 14 स्टेशनों को मिला जंक्शन का दर्जा अधिसूचना के अनुसार 14 स्टेशनों कटनी साउथ जंक्शन, कटनी मुरवारा जंक्शन, काइमां जंक्शन, सागमा जंक्शन, बंसापहार जंक्शन, बीना मालखेड़ी जंक्शन, कटंगी खुर्द जंक्शन, कछपुरा जंक्शन, तलवाड्या जंक्शन, रूठियाई जंक्शन, संत हिरदाराम नगर जंक्शन, गंगापुर सिटी जंक्शन, रामगंज मंडी जंक्शन और गुरला जंक्शन को जंक्शन घोषित किया है। विकास और कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा रेलवे के इस फैसले से इन सभी स्टेशनों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और ट्रेनों के संचालन में लचीलापन आएगा। खासतौर पर संत हिरदाराम नगर जंक्शन बनने से भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, परिवहन और रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
रेलवे जंक्शन बनने से माल परिवहन को भी नई मजबूती मिलेगी। इससे स्थानीय व्यापारियों को अपने उत्पादों की आवाजाही में आसानी होगी और लागत में कमी आएगी। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और अन्य सहायक सेवाओं में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। आमतौर पर जहां जंक्शन विकसित होते हैं, वहां बाजार, होटल, परिवहन और सेवा क्षेत्र तेजी से बढ़ते हैं, संत नगर में भी यही संभावनाएं नजर आ रही हैं। विधायक रामेश्वर शर्मा ने बताई बड़ी उपलब्धि
इस उपलब्धि पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, मुख्यमंत्री मोहन यादव और भोपाल सांसद आलोक शर्मा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह निर्णय आने वाले वर्षों में संत नगर को निवेश और व्यापार का प्रमुख केंद्र बना सकता है। गौरतलब है कि विधायक शर्मा के प्रयासों से ही इस स्टेशन को पहले रतलाम डीआरएम से हटाकर भोपाल डीआरएम के अंतर्गत लाया गया था। साथ ही, ‘बैरागढ़ स्टेशन’ का नाम बदलकर ‘संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन’ किया गया, जिससे इसकी पहचान को नया स्वरूप मिला। रेलवे में क्या होता है जंक्शन रेलवे में जंक्शन उस स्टेशन को कहा जाता है, जहां से दो या उससे अधिक अलग-अलग दिशाओं में रेल लाइनें निकलती हैं या एक-दूसरे से जुड़ती हैं। ऐसे स्टेशन सिर्फ ठहराव बिंदु नहीं होते, बल्कि नेटवर्क के महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं, जहां से ट्रेनों का मार्ग बदल सकता है और यात्रियों को विभिन्न दिशाओं में जाने के लिए विकल्प मिलते हैं। जंक्शन बनने से आमतौर पर ट्रेनों की संख्या, कनेक्टिविटी और सुविधाएं बढ़ती हैं, जिससे उस क्षेत्र का परिवहन तंत्र मजबूत होने के साथ-साथ व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलती है।
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संत हिरदाराम नगर बना भोपाल का दूसरा रेलवे जंक्शन:एक साथ 14 रेलवे स्टेशन बने जंक्शन, वेस्ट सेंट्रल रेलवे का बड़ा फैसला
















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