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एमपी के हिल स्टेशन पचमढ़ी में पहड़ों से कचरा हटाने के लिए काम जारी है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) ने यूनिक मॉडिफाई गाड़ी कचरा समेट रही है। यह प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर चलने वाली पहली फोरव्हीलर कचरा गाड़ी है। एसटीआर की नई व्यवस्था से पर्यटन और दुर्गम मेला क्षेत्रों में सालों से चली आ रही सिर पर कचरा ढोने की प्रथा भी समाप्त होगी। पचमढ़ी के प्राकृतिक वातावरण में कचरा न फैले और वन्यप्राणी प्रभावित न हो, इसके लिए रिजर्व कर्मियों को कचरे की बोरी सिर पर रखकर 5 से10 किमी तक ढोना होता था। अब उन्हें इससे छुटकारा मिलेगा। फोरव्हील गाड़ी दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में जा रही है और जंगल से कचरा निकाल बाहर ला रही है। लाखों पर्यटक-श्रद्धालु, फैलाते है कचरा
पचमढ़ी में सालभर में दो बड़े मेले नागद्वारी और चौरागढ़ मेले लगते हैं। जिसमें करीब 11 लाख श्रद्धालु आते हैं। इसके अलावा सालभर में 10 लाख से अधिक देश-विदेश के पर्यटक आते हैं। लोग कहीं भी कचरा फैला देते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में कचरा उठाने में परेशानी होती है। कचरे से पचमढ़ी का प्राकृतिक वातावरण दूषित होता है। जंगल में बाघ और दूसरे वन्य प्राणियों का रहवास भी प्रभावित होता है। इसी को देखते हुए यूनिक फोर व्हील कचरा गाड़ी की व्यवस्था पर्यटन स्थलों पर लागू की गई है। एसटीआर के सहायक संचालक संजय शर्मा ने बताया टाइगर रिजर्व में पहाड़ों से कचरा समेटने वाली मप्र की पहली फोर व्हील कचरा गाड़ी है। इसके माध्यम से अब धूपगढ़ जैसी दुर्गम चोटी पर पहुंचकर भी कचरा बाहर लाया जा रहा है। पर्यटन स्थलों पर दिखते हैं बाघ
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के अधिकांश पर्यटक स्थलों पर बाघ, तेंदुआ, बायसन, सांभर, जंगली कुत्ते, जंगली सूअर कई बार पर्यटकों को आसानी से दिखते हैं। पर्यटन स्थलों के आसपास जंगल में फैले कचरे और गंदगी के कारण कई बार वन्य प्राणी गंभीर बीमारी का शिकार भी हो जाते हैं। जंगल में पॉलिथीन सबसे ज्यादा समस्या बनती जा रही है।
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पहाड़ी पर सफाई करने एमपी की पहली कचरा गाड़ी:पचमढ़ी में 10 किमी तक सिर पर रखना पड़ती थी गंदगी; दुनियाभर से आते हैं पर्यटक















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