काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद का होगा गठन:मंडलायुक्त ने शासन को लिखा पत्र,2024 में खत्म हो चुका है अध्यक्ष का कार्याकाल




काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष और छह सदस्यों के चयन का प्रस्ताव मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने शासन को भेज दिया है। वर्तमान में बतौर पदेन अध्यक्ष मंडलायुक्त की अगुवाई में न्यास काम कर रहा है। कोरम के अभाव में नए कार्यों के कई प्रस्ताव अटके हैं। मंदिर प्रशासन के मुताबिक, न्यास परिषद में अध्यक्ष और 15 सदस्य होते हैं। इसमें राज्य सरकार की ओर से छह सदस्य नामित किए जाते हैं। वहीं नौ पदेन सदस्य होते हैं। पदेन सदस्यों में शंकराचार्य, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति, धर्मार्थ कार्य विभाग के सचिव, वित्त सचिव, विधि सचिव, सांस्कृतिक कार्य सचिव, मंडलायुक्त, डीएम और मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी होते हैं। अध्यक्ष भी राज्य सरकार नामित करती है। सभी का कार्यकाल सामान्यतः तीन वर्ष का होता है। न्यास परिषद का पिछला कार्यकाल दिसंबर 2024 में समाप्त हुआ था। तब प्रो. नागेंद्र पांडेय अध्यक्ष थे और प्रो. चंद्रमौली उपाध्याय, दीपक मालवीय, पंडित प्रसाद दीक्षित, प्रो. वेंकट रमन धनपाठी और प्रो. ब्रजभूषण ओझा सदस्य थे।



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