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बिलासपुर स्थित सिम्स (छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) में अब शारीरिक जांचें अधिक सटीक और स्पष्टता से हो सकेंगी। शनिवार को सिम्स को उच्च क्षमता वाली अल्ट्रासाउंड मशीन और सीटीजी (कार्डियोटोकोग्राफी) मशीनें उपलब्ध कराई गईं। ये मशीनें सीएमपीडीआई (सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट) के सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) मद से मिली हैं। कलेक्टर डॉ. संजय अग्रवाल ने कहा कि आमजन को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज कलेक्टर ने बताया कि सिम्स में लगातार नई तकनीक और आधुनिक मशीनों को शामिल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मरीजों को महानगरों जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही प्रदान करना है। उन्होंने सीएमपीडीआई के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सीएसआर के माध्यम से स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐसी भागीदारी समाज के लिए प्रेरणादायी है। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की निगरानी होगी आसान कलेक्टर डॉ. संजय अग्रवाल की उपस्थिति में सीएमपीडीआई प्रबंधन ने एमओए (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) की प्रति सिम्स प्रबंधन को सौंपी। सीटीजी मशीन गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ शिशु की हृदय गति और स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी करने में सहायक होगी। इससे उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) के मामलों में समय रहते चिकित्सकीय निर्णय लेना आसान होगा, जिससे मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
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सिम्स को मिलीं नई अल्ट्रासाउंड, सीटीजी मशीनें:सीएमपीडीआई के सीएसआर मद से मिली सहायता; कलेक्टर बोले- बेहतर उपचार प्राथमिकता















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