बाल मन में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता : पं. भूषण



भास्कर संवाददाता | बंडा नगर के संजय कॉलोनी वार्ड क्रमांक 3 में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के पांचवे दिवस पंडित अरविंद भूषण महाराज ने कहा कि बाल मन कोमल और निष्कपट होता है, उसमें किसी प्रकार का भेदभाव और ईर्ष्या नहीं होती है। भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का बखान करते हुए उन्होंने कहा कि पालने में झूलते हुए बालकृष्ण की छवि सभी को मोहित करने वाली है। भगवान शंकर भी उनके दर्शन करने साधु के रूप में आते हैं। सभी ग्रामवासी और गोपियां उन्हें लाड़ करने लालायित रहती थी। कभी कृष्ण जब अपने आंगन में नन्हे-नन्हे कदमों से अठखेलियां करते हैं, कभी मिट्टी उठाकर खाते हैं। यशोदा जब मिट्टी खाने से रोकती हैं तो अपने मुंह में सारी पृथ्वी को समाहित दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि संसार में भगवत भक्ति के अलावा जीव मुक्ति का कोई दूसरा साधन नहीं है। हमें हमेशा दूसरों के कल्याण की कामना करना चाहिए, जिससे हमारा कल्याण स्वयं भगवान करते है। दूसरों की बुराई और निंदा करने वाला कभी सुखी नहीं रहता, इसलिए जहां तक हो सके गुरु और भगवान की निंदा नहीं करना चाहिए और न सुनना चाहिए। पूतना वध का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि पूतना जब स्तनपान कराने कृष्ण को ले जाती हैं तो वे इस माता का दर्जा देकर उद्धार कर देते हैं। कथा में मुख्य यजमान चेतराम प्रजापति, पूर्व विधायक नारायण प्रजापति, पंडित शंभू शरण तिवारी, शिवराज प्रजापति, श्रीकांत प्रजापति सहित वार्डवासी, महिलाएं और श्रद्धालु उपस्थित थे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *