बदले नियम, अब ऑनलाइन नहीं ऑफलाइन होगी बैठक



भास्कर न्यूज | जांजगीर प्रशासनिक खर्चों में कटौती करने और वित्तीय अनुशासन को मजबूत बनाने के लिए जांजगीर-चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने एक नई पहल की है। कलेक्टोरेट में होने वाली साप्ताहिक समय-सीमा (टीएल) बैठक के पारंपरिक स्वरूप में बड़ा बदलाव किया गया है। अब दूर-दराज के ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को बैठक के लिए जिला मुख्यालय दौड़ने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि वे अपने ही कार्यालय से ऑनलाइन जुड़ेंगे। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अनावश्यक सरकारी खर्चों को रोकना और ईंधन व समय की बचत करना है। नई व्यवस्था के तहत आयोजित पहली बैठक में केवल जिला मुख्यालय जांजगीर में पदस्थ विभागीय अधिकारी ही जिला कार्यालय के सभाकक्ष में शारीरिक रूप से उपस्थित हुए। वहीं, जिले के सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), नगर पालिका व नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) और तहसीलदार अपने-अपने ब्लॉक मुख्यालय स्थित स्वान (स्वॉन) कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक व्यवस्था में मितव्ययिता (खर्च में कमी लाना) बेहद जरूरी है। जानिए… कैसे की जाएगी प्रशासनिक खर्च में कटौती { वाहनों का साझा उपयोग: कलेक्टर के आदेश में कहा गया है कि एक ही रूट पर जाने वाले अधिकारी अलग-अलग सरकारी गाड़ियों का उपयोग करने के बजाय वाहनों की साझा व्यवस्था अपनाएं, ताकि ईंधन पर होने वाला सरकारी खर्च आधा किया जा सके। { ई-ऑफिस प्रणाली को बढ़ावा: कागजी कार्रवाई और फाइलों के परिवहन में होने वाले खर्च को कम करने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली को पूरी तरह प्रभावी बनाने कहा गया है। 0 अधीनस्थों की बैठकें भी ऑनलाइन: कलेक्टर ने जिला स्तर के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि वे अपने मैदानी अमले की बैठकें यथासंभव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही लें, जिससे यात्रा भत्ते और समय की बर्बादी को रोका जा सके।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *