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खंडवा में बुधवार को किसानों और श्रमिकों से जुड़े दो अलग-अलग मुद्दों को लेकर कांग्रेस सक्रिय नजर आई। एक ओर खंडवा विधानसभा के ग्राम अमलपुरा वेयरहाउस में गेहूं तुलाई में हो रही देरी को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह पुरनी किसानों के बीच पहुंचे, वहीं दूसरी ओर सिंगाजी ताप विद्युत गृह परियोजना में जारी मेगा कॉन्ट्रैक्ट के विरोध में स्थानीय श्रमिकों के पक्ष में अधिकारियों से चर्चा की। किसान तुलाई न होने से हो रहे परेशान
बुधवार को ग्राम अमलपुरा स्थित वेयरहाउस में बड़ी संख्या में किसान गेहूं तुलाई नहीं होने की समस्या से परेशान नजर आए। किसानों का कहना था कि कई दिनों से उपज की तुलाई नहीं होने से उन्हें आर्थिक और व्यवस्थागत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वेयरहाउस में अनाज भरे होने और व्यवस्थाओं की कमी के कारण तुलाई प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले- उपज की तुलाई उसी स्थान पर कराई जाए सूचना मिलने पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह पुरनी मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद डिप्टी कलेक्टर दिनेश सावले और जिला सहकारी बैंक के एमडी से चर्चा कर किसानों की समस्या के तत्काल समाधान की मांग की। चर्चा के दौरान डिप्टी कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वेयरहाउस की भंडारण क्षमता भर जाने के बाद भी किसानों की उपज की तुलाई उसी स्थान पर कराई जाए और बाद में परिवहन के माध्यम से अनाज आगे भेजा जाए, ताकि किसानों को बार-बार परेशान न होना पड़े। किसानों ने प्रशासन और कांग्रेस प्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद राहत की उम्मीद जताई। सिंगाजी परियोजना में श्रमिकों के रोजगार पर संकट का आरोप इसी दिन कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दोंगालिया स्थित सिंगाजी ताप विद्युत गृह परियोजना में प्रस्तावित मेगा कॉन्ट्रैक्ट को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के चीफ इंजीनियर से मुलाकात कर स्थानीय ठेका श्रमिकों की समस्याएं उठाईं और श्रमिकों द्वारा दिए गए ज्ञापन का समर्थन किया। “मेगा कॉन्ट्रैक्ट से सैकड़ों श्रमिक हो सकते हैं बेरोजगार” कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा जारी मेगा कॉन्ट्रैक्ट में मजदूरों की संख्या वास्तविक आवश्यकता से कम दिखाई गई है, जबकि पिछले करीब 10 वर्षों से बड़ी संख्या में ठेका श्रमिक विभिन्न विभागों में लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि नया कॉन्ट्रैक्ट लागू होने पर सैकड़ों श्रमिक बेरोजगार हो सकते हैं। उत्तमपाल सिंह पुरनी ने कहा कि स्थानीय श्रमिक वर्षों से परियोजना में सेवाएं दे रहे हैं और उनके रोजगार पर संकट उत्पन्न होना गंभीर विषय है। उन्होंने मांग की कि श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए मेगा कॉन्ट्रैक्ट को तत्काल निरस्त किया जाए और श्रमिकों की रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने श्रमिकों के पक्ष में जल्द उचित कार्रवाई की मांग भी की।
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अमलपुरा वेयरहाउस में गेहूं तुलाई में देरी से किसान परेशान:सिंगाजी परियोजना में रोजगार पर संकट; कांग्रेस ने उठाए सवाल















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