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भोपाल में किसान की कृषि भूमि को नियम विरुद्ध बेहद कम कीमत पर नीलाम करने के 21 साल पुराने भ्रष्टाचार मामले में बुधवार को स्पेशल कोर्ट ने बैंक अधिकारियों समेत 4 आरोपियों को 3-3 साल के सजा सुनाई है। कोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की। मामला भोपाल के ग्राम अगरिया का है। यहां किसान गिलेडबिन सहाय ने साल 1974 में खेती के काम के लिए 18 हजार रुपए का लोन लिया था। इसके बदले उसकी जमीन बैंक में गिरवी रखी गई थी। फर्जी दस्तावेज तैयार कर किसान की जमीन बेची बैंक अधिकारियों ने मिलकर किसान की 4.34 एकड़ जमीन साल 2005 में सिर्फ 40 हजार रुपए में बेच दी। जबकि जमीन की कीमत इससे कहीं ज्यादा थी। जांच में सामने आया कि नीलामी के नियमों का पालन नहीं किया गया और फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। शिकायत के बाद लोकायुक्त पुलिस ने जांच की। जांच पूरी होने के बाद कोर्ट में मामला पेश किया गया। कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। सरकारी वकील हेमलता कुशवाह ने बताया कि जिला सहकारी एवं ग्रामीण विकास बैंक के अधिकारी हरिहर प्रसाद मिश्रा, अशोक मुखरैया, एपीएस कुशवाह और जमीन खरीदने वाले साजिद कुरैशी को कोर्ट ने दोषी पाया। यह खबर भी पढ़ें… भोपाल कोर्ट में वकीलों के दो गुटों के बीच विवाद जिला बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर भोपाल कोर्ट में सरगर्मी तेज है। शुक्रवार को कोर्ट परिसर में जमकर हंगामा हुआ और वकीलों के बीच झूमाझटकी तक की नौबत आ गई। एक पक्ष का आरोप है कि कार्यकारिणी ने पहले बहुमत से 19 वोटों के साथ जगमोहन शर्मा को मुख्य चुनाव अधिकारी चुना था, लेकिन बाद में अचानक अध्यक्ष की सहमति से इंद्रजीत राजपूत को मुख्य चुनाव अधिकारी बना दिया गया। पूरी खबर पढे़ं…
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भोपाल में 21 साल पुराने जमीन घोटाले में सजा:किसान की 4 एकड़ जमीन 40 हजार में बेची थी; बैंक अफसर समेत 4 को 3-3 साल की जेल














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