CM Mohan Yadav to Roll Out 5206 Buses, Road Safety Body



परिवहन विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना शीघ्र शुरू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। इस योजना में 1164 मार्गों पर दो साल में 5206 बसें शुरू करने की तैयारी है। उधर प्रदेश में सड़क सुरक्षा सचिवालय का गठन किया जा रहा है। मुख्

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गुरुवार को हुई परिवहन विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सीमा में अन्य राज्यों से आने वाले मालवाहक वाहनों की जांच के लिए परिवहन चौकियों और टोल नाकों को और अधिक आधुनिक एवं सुविधा सम्पन्न बनाया जाए। इसके लिए परिवहन चौकियों को शीघ्र ही इंटीग्रेटेड करने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राह-वीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग में मानव संसाधन की कमी की पूर्ति अभियान चलाकर की जाए।

सबसे अधिक एक्सीडेंट वाले एरिया की कराएं मैपिंग

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सर्वाधिक दुर्घटना क्षेत्रों की मैपिंग करा ली जाए, जिससे जरूरतमंदों को जल्द से जल्द मेडिकल सर्विसेस मुहैया कराई जा सकें। विभिन्न विभागों द्वारा दी जा रही एम्बुलेंस सेवाओं को एक प्लेटफार्म पर लाया जाए, जिससे दुर्घटना क्षेत्रों में जरूरतमंद तक 30 मिनट से भी कम समय में एम्बुलेंस ऑटो मोड (जो स्पॉट से निकटतम हो) में पहुंच जाए।

म.प्र. राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय’ का होगा गठन

बैठक में सचिव परिवहन मनीष सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा क्रियान्वित पीएम-राहत योजना एवं राहवीर योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है। पीएम-राहत योजना में राज्य के सभी 55 जिलों में जिला नोडल अधिकारियों को ऑनबोर्ड किया जा चुका है। योजना में कुल 2,298 प्रकरणों में से 1692 प्रकरण अनुमोदित कर दिए गए हैं। राह-वीर योजना में कुल 109 आवेदन मिले, इनमें से 49 प्रकरण मंजूर कर लिए गए हैं। बालाघाट जिले में राह-वीर योजना पर बहुत अच्छा काम हुआ है।

चालू वित्त वर्ष में 5721 करोड़ का टारगेट

बैठक में बताया गया कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में अलग से ‘म.प्र. राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय’ का गठन भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में विभाग को दिए गए 4,400 करोड़ रूपए के लक्ष्य के विरुद्ध कुल 4911.78 करोड़ रुपए राजस्व आय अर्जित की गई। लक्ष्य से विभाग द्वारा 111.6 प्रतिशत अधिक राजस्व अर्जन किया गया है। वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए करीब 5,721 करोड़ रुपए राजस्व आय का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना

  • यह योजना दो चरणों में चलाई जाएगी।
  • प्रदेश में 7 क्षेत्र इंदौर, उज्जैन, भोपाल (नर्मदापुरम सहित), जबलपुर, सागर, ग्वालियर (चंबल सहित) एवं रीवा (शहडोल सहित) स्थापित किए गए हैं।
  • पहले चरण में चलाई जाने वाली बसों के लिए क्षेत्रीय मुख्यालयों से उपनगरीय क्षेत्रों तक विस्तारित मार्ग मंजूरी की विभागीय अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। अन्य क्षेत्रों के विस्तारित मार्गों की अधिसूचना शीघ्र ही जारी की जाएगी।
  • योजना के पहले चरण में प्रदेश के कुल 1,164 मार्गों पर लगभग 5,206 बसों का संचालन अगले दो सालों में किया जाएगा। इन सभी बसों की सुचारू मॉनिटरिंग के लिए एक दक्ष एवं इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट मैंनेजमेंट सिस्टम स्थापित किया जा रहा है।
  • योजना के पहले चरण में इंदौर क्षेत्र के कुल 121 मार्गों में कुल 608 बसें, उज्जैन क्षेत्र के 120 मार्गों में 371 बसें, भोपाल क्षेत्र के 104 मार्गों में 398 बसें, जबलपुर क्षेत्र के 83 मार्गों पर 309 बसें, सागर क्षेत्र के 92 मार्गों में 344 बसें, ग्वालियर क्षेत्र के 65 मार्गों में 298 बसें तथा रीवा क्षेत्र के 35 मार्गों में 184 बसें चलाई जाएंगी।
  • योजना में चलाई जाने वाली सभी बसों का रंग एक जैसा होगा, ताकि एकरूपता बनी रहे।

जनजातीय कार्य विभाग के पीएस से नाराज सीएम ने कहा, गलत प्रस्ताव देने वालों को सस्पेंड करो

उधर जनजातीय कार्य विभाग और पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठकों में सीएम के तेवर आज तल्ख रहे। जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा जब आगामी कैबिनेट प्रस्तावों की जानकारी दे रहे थे, तब मुख्यमंत्री ने एक प्रस्ताव पर सवाल उठाया। इस पर पीएस बामरा ने कहा कि प्रस्ताव नीचे वालों ने बनाकर भेज दिया है। इस पर मुख्यमंत्री नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि प्रेजेंटेशन आप मुझे दे रहे हो और कह रहे हो नीचे वालों ने भेज दिया। नीचे वाला कौन है? उसे सस्पेंड करो। मेरे सामने लेकर आओ।

पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव से कहा, सुबह मीटिंग करो, शाम तक रिजल्ट चाहिए

इसके अलावा पशुपालन विभाग की समीक्षा में भी सीएम ने प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव को फटकार लगाई। मामला नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) और राज्य सरकार के बीच एमओयू के बाद आगे की कार्यवाही से जुड़ा था। सीएम ने पूछा कि डेयरी सेक्टर को मजबूत करने की योजना पर काम आगे क्यों नहीं बढ़ा? उमराव ने कहा कि एनडीडीबी ने डीपीआर नहीं भेजी। हालांकि एनडीडीबी अधिकारियों ने बैठक में ही कहा कि डीपीआर और विकल्प पहले ही भेजे जा चुके हैं। इस पर सीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सुबह एनडीडीबी अधिकारियों के साथ बैठक करिए और शाम तक वित्त विभाग के सामने रिजल्ट चाहिए। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी इस रवैये पर नाराजगी जताई।



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