जंगल में आग लगाते अतिक्रमणकारी को पकड़ा तो बवाल:फॉरेस्ट गाड़ी के सामने लेट गई महिलाएं, छुड़ाने के लिए जवान से झूमाझटकी, हाथ नोंच डाला




खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र में शनिवार को उस समय हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब जंगल में आग लगाने और अतिक्रमण करने पहुंचे एक आरोपी को वन विभाग के अमले ने पकड़ लिया। आरोपी को हिरासत में लेकर लौट रही टीम को रास्ते में महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ा। महिलाएं फॉरेस्ट गाड़ी के सामने लेट गई और आरोपी को छुड़ाने के लिए वनकर्मियों से झूमाझटकी भी की। एक वनकर्मी के हाथ में चोंट आई हैं। जंगल में आग लगाने की सूचना पर पहुंचा था वन अमला
जानकारी के मुताबिक, सामान्य वन मंडल खंडवा के गुड़ी वन परिक्षेत्र अंतर्गत अमाखुजरी जंगल में अतिक्रमणकारियों द्वारा जंगल की जमीन साफ करने के लिए आग लगाए जाने की सूचना वन विभाग को मिली थी। सूचना मिलते ही रेंजर नरेंद्र पटेल के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन अमले ने मौके पर कुछ लोगों को जंगल क्षेत्र में अवैध गतिविधियां करते हुए पकड़ा। आरोप है कि अतिक्रमणकारी जंगल की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से पेड़ों की कटाई और आगजनी कर रहे थे। टीम ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को हिरासत में लिया और शासकीय वाहन से गुड़ी रेंज कार्यालय के लिए रवाना हो गई। रास्ते में महिलाओं ने किया हंगामा
वन विभाग की गाड़ी जैसे ही मुख्य मार्ग पर पहुंची, आरोपी के परिजन और गांव की महिलाएं वहां पहुंच गईं। महिलाओं ने गाड़ी रोकने के लिए सड़क पर लेटकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ महिलाओं ने आरोपी को छुड़ाने के प्रयास में वनकर्मियों से बहस और धक्का-मुक्की भी की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महिलाओं ने काफी देर तक वाहन आगे नहीं बढ़ने दिया। सड़क पर अचानक हुए हंगामे से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सख्ती के बाद आगे बढ़ी टीम
हालांकि, वन विभाग की टीम दबाव में नहीं आई। महिलाओं को समझाइश दी और कानूनी कार्रवाई में बाधा नहीं डालने की चेतावनी दी। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद महिलाओं को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद टीम आरोपी को लेकर गुड़ी रेंज कार्यालय पहुंची। वन अधिनियम के तहत केस दर्ज
रेंजर नरेंद्र पटेल ने बताया कि पकड़े गए लोगों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और जंगल क्षेत्र में आग लगाने व अतिक्रमण से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है। इधर, डीएफओ राकेश डामोर ने कहा कि जंगल में आगजनी और अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी हैं।



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