बुधवार रात को स्विमिंग पूल में सात साल के बच्चे की डूबने से मौत हो गई थी।
ग्वालियर में होटल के स्विमिंग पूल में 7 साल के वेद के डूबने के बाद अब नगर निगम की नींद खुली है। सभी जोनल अधिकारियों को शहरभर में सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं।
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घटना बुधवार रात की है, जिसका सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। वेद अपने परिवार के साथ पूल पार्टी का आनंद ले रहा था। वह नहाने के बाद पूल से बाहर निकला। फिर कुछ ही मिनट बाद दोबारा कूदा।
इस बार वेद पूल की 2 फीट गहराई वाली जगह की बजाय गलती से 5 फीट गहराई वाले हिस्से में कूद गया। वह काफी देर तक पानी से बाहर आने की जद्दोजहद करता रहा। बहुत छटपटाया लेकिन बाहर नहीं आ सका और कुछ ही मिनटों में गहराई में समा गया।
शहरभर में 1 हजार से ज्यादा स्विमिंग पूल
ग्वालियर में अलग-अलग इलाकों में करीब 1 हजार से ज्यादा स्विमिंग पूल संचालित किए जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि शहर के कई होटल और बड़े रिसॉर्ट्स में चल रहे स्विमिंग पूल्स का रजिस्ट्रेशन तक संबंधित विभाग से नहीं कराया गया है।
विभाग के अनुसार, पिछले साल केवल 4 आवेदन मिले थे, लेकिन उनमें गंभीर कमियां पाए जाने पर उन्हें सुधार के लिए वापस भेज दिया गया। इसके बावजूद अधिकांश आवेदक न तो दस्तावेज पूरे कर पाए और न ही दोबारा आवेदन जमा किया।
45 से अधिक संचालकों को नोटिस
नगर निगम के स्पोर्ट्स विभाग ने पिछले साल 45 से अधिक पूल संचालकों को नियमों के उल्लंघन और आवश्यक जानकारी न देने पर नोटिस जारी किए थे। लेकिन किसी भी संचालक ने इन नोटिसों का जवाब नहीं दिया। इसके बावजूद शहर में कई होटलों और रिसॉर्ट्स में पूल पार्टियां और संचालन धड़ल्ले से जारी हैं।
अब नगर निगम करेगा सर्वे
नगर निगम ने अब सभी जोनल अधिकारियों को शहरभर में सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। जिन स्थानों पर अवैध रूप से स्विमिंग पूल संचालित पाए जाएंगे, उन्हें रजिस्ट्रेशन के लिए कहा जाएगा। हालांकि सवाल यह है कि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही विभाग क्यों सक्रिय होता है, जबकि शहर में बड़े पैमाने पर बिना सुरक्षा मानकों के पूल संचालित हो रहे हैं।
जानिए स्विमिंग पूल से जुड़े नियम
नगर निगम के नोडल अधिकारी बी.के. त्यागी के अनुसार, स्विमिंग पूल के लिए भवन अनुमति के समय ही स्विमिंग पूल की अनुमति लेना आवश्यक होता है। इसके बाद नगर निगम और स्पोर्ट्स विभाग से लाइसेंस लेना होता है।
नियमों के तहत पूल में साफ-सफाई, सुरक्षा उपकरण जैसे लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय और प्रशिक्षित लाइफगार्ड की मौजूदगी अनिवार्य है। सामान्य पूल की गहराई 3 से 4 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए, जबकि प्रशिक्षण या प्रतियोगिता के लिए उपयोग होने वाले पूल के लिए अलग मानक निर्धारित हैं।
इधर, नगर निगम आयुक्त संघप्रिय ने कहा कि यह प्रक्रिया में लापरवाही का मामला हो सकता है। सभी पूल संचालकों का सर्वे कराया जाएगा और जो भी कमियां सामने आएंगी, उन पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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7 साल के वेद के डूबने का लाइव VIDEO

ग्वालियर में होटल के स्विमिंग पूल में 7 साल के वेद के डूबने का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। बुधवार रात के इस फुटेज में दिख रहा है कि वेद अपने परिवार के साथ पूल पार्टी का आनंद ले रहा था। वह नहाने के बाद पूल से बाहर निकला। फिर कुछ ही मिनट बाद दोबारा कूदा। पूरी खबर पढ़ें…














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